पंजाब में नशे की गिरफ्त: युवक की मौत से मचा हड़कंप
पंजाब में युवाओं की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामला मोगा जिले के बाघापुराना क्षेत्र से आया है। यहां ‘चिट्टा’ न मिलने और मानसिक तनाव के कारण एक 26 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान लाभहीरा सिंह के रूप में हुई है। वह पेशे से मजदूरी करता था। थाना समालसर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोगा भेज दिया।
नशा मुक्ति केंद्र से लौटने के बाद दोबारा नशे की गिरफ्त
मृतक के भाई बूटा सिंह ने बताया कि लाभहीरा पहले चिट्टे का आदी था। परिवार ने उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया था। वहां से वह ठीक होकर लौटा। लेकिन पड़ोस के नशा तस्करों ने उसे दोबारा नशे की दलदल में धकेल दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पैसे या एलसीडी लाने पर ही नशा देने की शर्त रखी।
नशा न मिलने से युवक ने लगा लिया फंदा
परिजनों के मुताबिक, पड़ोसियों सुखचैन सिंह और उसकी पत्नी सीमा कौर पर चिट्टा बेचने का आरोप है। रविवार को लाभहीरा उनके घर नशा लेने गया था। पैसे न होने पर उसे नशा देने से मना कर दिया गया। इस तड़प और मानसिक प्रताड़ना के कारण उसने फंदा लगा लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पंजाब पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पीड़ित परिवार ने मांगी सख्त कार्रवाई
परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बड़े तस्करों पर नकेल कसने तक पंजाब के युवा इसी तरह मरते रहेंगे। नशा मुक्ति और रोकथाम के लिए नशा मुक्त भारत अभियान जैसे प्रयासों की जरूरत है।
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