कर्णप्रयाग झड़प के बाद उत्तराखंड में तनाव, निहंग वापस लौटे
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच झड़प के बाद तनाव का माहौल है। मोहाली के सोहाना गुरुद्वारा से निहंगों का जत्था उत्तराखंड के लिए रवाना हुआ। उन्हें पांवटा साहिब के कुल्हाल बॉर्डर पर उत्तराखंड पुलिस ने रोक दिया। गुरुवार-शुक्रवार की रात वहां तनाव बना रहा। निहंगों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और तलवारें लहराते हुए आगे बढ़े। उन्होंने ट्रकों में तोड़फोड़ भी की। कुछ निहंग देहरादून के प्रेम नगर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें घेर लिया और प्रशासन से रातभर बातचीत चली।
सफल वार्ता के बाद स्थिति सामान्य
देर रात आठ निहंग हिमाचल बॉर्डर पर पहुंचे और उत्तराखंड में घुसने की कोशिश की। डीएम देहरादून अशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने मीटिंग की। इस लंबी वार्ता के बाद निहंगों का जत्था वापस पांवटा साहिब लौट गया। एसएसपी ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर पर अब शांति है। निहंगों की ओर से कोई बयान नहीं आया है। पुलिस प्रशासन ने मामले को सुलझा लिया है।
निहंगों की मांगें पूरी नहीं हुईं
गुरुवार सुबह मोहाली के सोहाना गुरुद्वारे में निहंगों ने बैठक की। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग में गिरफ्तार साथियों को रिहा किया जाए। एफआईआर रद्द की जाए और स्थानीय लोगों पर कार्रवाई हो। लेकिन उनकी ये मांग पूरी नहीं हुई है। उनके साथी अब भी पुलिस हिरासत में हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अलर्ट जारी किया था। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा और हेमकुंड यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
16 जून से शुरू हुआ पूरा विवाद
यह पूरा विवाद 16 जून की घटना से जुड़ा है। कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच झड़प हुई थी। तलवार से हमले में कुछ लोग घायल हो गए। एक निहंग सिख भी घायल हुआ था। पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार किया था। 20 जून को निहंगों ने एक श्रद्धालु को बंधक बना लिया था। वे रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे। 23 जून को यह गतिरोध खत्म हुआ था। लेकिन मामला शांत नहीं हुआ और निहंगों ने उत्तराखंड कूच किया।
सीएम के आदेश के बाद पुलिस अलर्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभागों को अलर्ट रहने के आदेश दिए थे। डीजीपी उत्तराखंड ने साफ किया कि अराजकता नहीं फैलने दी जाएगी। कुल्हाल बॉर्डर पर अब शांति है। पुलिस प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। इस घटना के बाद से उत्तराखंड और हिमाचल के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। अब वार्ता सफल होने के बाद स्थिति सामान्य है। निहंगों के वापस लौटने से लोगों ने राहत की सांस ली है।