सामने संसाधनों की कमी मायने नहीं रखती।
प्रिया ने शुक्रवार काे बताया कि उन्होंने यह मुकाम हासिल
करने के लिए किसी कोचिंग या ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। स्कूल में पढ़ाए गए पाठ, शिक्षकों
के नोट्स और नियमित स्व-अध्ययन के बल पर ही उन्होंने यह सफलता पाई। प्रिया ने कहा कि
उसके माता-पिता ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं
ने भी हर विषय में मेरा मार्गदर्शन किया। मेरी यह सफलता उन्हीं की मेहनत का परिणाम
है।
जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, विद्यालय परिसर में
खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल यादव ने प्रिया को बधाई देते हुए
कहा कि प्रिया की यह उपलब्धि सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों
की क्षमता को दर्शाती है। यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट
हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। स्कूल स्टाफ ने भी प्रिया
को शुभकामनाएँ देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिक्षकों ने बताया कि प्रिया
शुरू से ही मेहनती और अनुशासित छात्रा रही है।