कैदियों के लिए खुशखबरी: पटियाला जेल में खुला क्लिनिक-लाइब्रेरी

पंजाब जेल सुधार: मान सरकार का नया मॉडल

पंजाब की जेलों की तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने एक नया सुधार मॉडल पेश किया है। जेल मंत्री रवजोत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए पटियाला जेल में ‘आम आदमी क्लिनिक और लाइब्रेरी’ की शुरुआत की गई है। आने वाले समय में राज्य की अन्य जेलों में भी ऐसी ही लाइब्रेरी खोली जाएंगी। यह कदम कैदियों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में बड़ा प्रयास है। पंजाब सरकार का लक्ष्य जेलों को सुधार का केंद्र बनाना है।

विचाराधीन कैदियों के लिए नई व्यवस्था

सरकार ने विचाराधीन कैदियों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब अपराधों को ‘मेजर’ और ‘माइनर’ श्रेणियों में बांटा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे अपराधों में बंद कैदियों को पेशेवर अपराधियों के प्रभाव से बचाना है। यह कदम जेल प्रबंधन में सुधार लाने में मददगार साबित होगा। इस बदलाव से छोटे अपराधियों को न्याय जल्दी मिलेगा और वे समाज में वापस लौट सकेंगे।

जेल सुधार के चार बड़े कदम

जेल मंत्री रवजोत सिंह ने जेल सुधार के चार बड़े कदमों का ऐलान किया है। पहले कदम में कैदियों को कानूनी मदद और परिवार से संपर्क बनाए रखने के लिए कानूनी सलाहकारों की सेवाएं दी जा रही हैं। दूसरे कदम में विदेशी कैदियों के साथ भी भेदभाव नहीं होगा। उन्हें भी भारतीय कैदियों की तरह समान सुविधाएं और कानूनी सहायता मिलेगी। तीसरे कदम में एक नया बिल लाया गया है जो हिरासत में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों का ध्यान रखेगा। चौथे कदम में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है।

भ्रष्टाचार पर सख्त वार और नई योजनाएं

जेल मंत्री रवजोत सिंह ने साफ चेतावनी दी कि जेल विभाग में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। अगर विभाग का अपना अधिकारी भी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद है जो दशकों पुराना बिल लेकर आए और उसे पास कराया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य जेलों को केवल सजा का घर नहीं, बल्कि सुधार का केंद्र बनाना है। जेलों के अंदर से किसी भी तरह की शिकायत आने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। यह पहल पंजाब जेल सुधार को नई दिशा देगी।