अमृतसर, 07 नवंबर । पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के पंजाब स्टेट चैप्टर ने अपने प्रोजेक्ट उड़ान के तहत, स्टूडियो बाय हिमानी अरोड़ा के सहयोग से शनिवार को अमृतसर सेंट्रल जेल में महिला कैदियों और उनके बच्चों के साथ दिवाली मनाई।
इस पहल का नेतृत्व पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री पंजाब स्टेट चैप्टर की को-चेयर, हिमानी अरोड़ा ने किया। उन्होंने बताया कि महिला कैदियों और उनके बच्चों के साथ दिवाली मनाना एक बेहद भावुक और सार्थक अनुभव था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि त्योहार खुशियां, करुणा और अपनापन फैलाने का अवसर होते हैं। हर इंसान सम्मान, देखभाल और साथ होने की आत्मीयता पाने का हकदार है।
कार्यक्रम का उद्देश्य कैदियों और उनके बच्चों के जीवन में त्योहार की खुशियां लाना था, ताकि वे भी दिवाली के आनंद और उत्साह को महसूस कर सकें। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे के साथ त्योहार की खुशियां बांटीं और उपहार दिए, जिससे सबके चेहरों पर मुस्कान आई और कुछ यादगार पल बने।
अमृतसर सेंट्रल जेल के अधीक्षक राजीव कुमार अरोड़ा ने पीएचडीसीसीआई की इस नेक पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन महिला कैदियों और उनके बच्चों के बीच सकारात्मकता और भावनात्मक भलाई को बढ़ावा देने के साथ-साथ एक सहयोगी माहौल बनाने में बहुत महत्वपूर्ण हैं। पीएचडीसीसीआई सचिवालय की ओर से सीनियर असिस्टेंट सेक्रेटरी सुमित कुमार इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
‘प्रोजेक्ट उड़ान’ के तहत पीएचडीसीसीआई व स्टूडियो बाय हिमानी अरोड़ा मिलकर महिला कैदियों के लिए एक स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) कार्यक्रम चला रहे हैं। इसमें उन्हें सिलाई, कढ़ाई और टेक्सटाइल क्राफ्ट का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे व्यावहारिक कौशल सीख सकें और आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपनी आजीविका के लिए स्थायी अवसर पा सकें।