राहुल गांधी पहले हिमाचल के बेरोजगारों की चिंता करें : राकेश जम्वाल

मंडी, 06 अक्टूबर । प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने के लिए लिखे पत्र पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को रोजगार के नाम पर राजनीतिक दिखावा करने और सुर्खियां बटोरने के बजाय पहले अपनी ही पार्टी की हिमाचल सरकार से रोजगार का हिसाब मांगना चाहिए। यदि उन्हें वास्तव में देश के युवाओं के भविष्य की चिंता है तो सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।

राकेश जम्वाल ने कहा कि राहुल गांधी मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों के पद बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में उनकी ही पार्टी की सरकार दो वर्ष या उससे अधिक समय से खाली पड़े सरकारी पदों को समाप्त करने की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस रोजगार के नाम पर बड़े-बड़े दावे करती है और दूसरी तरफ सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को समाप्त करने का फैसला लिया जा रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से पूछा कि जिन सरकारी पदों पर प्रदेश के युवा वर्षों से नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, उन्हें खत्म क्यों किया जा रहा है? क्या राहुल गांधी ने यह सवाल पूछा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को दी गई पांच लाख रोजगार की गारंटी का क्या किया। उ

न्होंने कहा कि राहुल गांधी की रोजगार संबंधी चिंता क्या केवल उन राज्यों तक सीमित है, जहां कांग्रेस सत्ता में नहीं है।

जम्वाल ने कहा कि हिमाचल की जनता कांग्रेस की पांच लाख सरकारी नौकरी देने की गारंटी को भूली नहीं है। चुनाव के समय युवाओं को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन सत्ता में आने के बाद स्थायी और सम्मानजनक रोजगार देने के बजाय उन्हें अलग-अलग नामों से कम मानदेय वाली अस्थायी व्यवस्थाओं में उलझा दिया गया।