पंजाब में टूट रोकने AAP ने विधायक जालंधर बुलाए, 7 सांसद BJP जा चुके

आम आदमी पार्टी में टूट रोकने की कवायद

आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट रोकने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद अब पार्टी ने विधायकों को संभालने की योजना बनाई है। AAP के प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कल 29 अप्रैल को सभी विधायकों को जालंधर बुलाया है। इस बैठक में ब्लॉक ऑब्जर्वर और फ्रंटल संगठनों के प्रमुख भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इस मीटिंग में मौजूद रहेंगे। बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि इसमें विधायकों का मन टटोला जाएगा।

विधायकों में असंतोष और टिकट का डर

पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख के अनुसार, कई AAP विधायक पार्टी से नाराज हैं। एंटी इंकमबेंसी के कारण वे पार्टी छोड़ सकते हैं। AAP अपने स्तर पर सर्वे करवा रही है। इससे विधायकों को डर है कि उनके टिकट कट सकते हैं। अमृतसर से AAP विधायक कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से नाराज चल रहे हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी मोर्चा खोला है। खरड़ से पूर्व मंत्री अनमोल गगन मान ने पिछले साल राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया था। हालांकि, बाद में पार्टी प्रधान अमन अरोड़ा के मनाने पर वह फिर से एक्टिव हो गईं।

कैबिनेट से बाहर हुए मंत्री और उनकी नाराजगी

AAP सरकार से 9 मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो चुकी है। डॉ. औलख के अनुसार, कैबिनेट से बाहर होने से उनके मन में टीस है। इनमें अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला और लालजीत भुल्लर शामिल हैं। लालजीत भुल्लर DM रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं। इस बीच, AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने बिना इजाजत सांसदों के नाम से पार्टी का नाम हटाने पर जवाब मांगा है।

राज्यसभा में विलय और बदली तस्वीर

27 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति ने सातों सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी दी थी। अब राज्यसभा में AAP की संख्या घटकर 3 रह गई है, जबकि BJP की संख्या 113 हो गई है। BJP में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा की वेबसाइट पर भी इन्हें BJP का सदस्य दिखाया गया है। राघव चड्ढा ने कहा है कि AAP अब चंद करप्ट लोगों की पार्टी बन गई है। उन्होंने पार्टी का माहौल टॉक्सिक बताया और काम करने की आजादी न मिलने का आरोप लगाया।

पार्टी छोड़ने के बाद का सियासी घमासान

24 अप्रैल से शुरू हुआ यह सियासी घटनाक्रम लगातार जारी है। 24 अप्रैल को राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने का दावा किया था। इसी दिन उन्होंने BJP जॉइन कर ली थी। 25 अप्रैल को CM भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर तंज कसा था। उन्होंने 7 सांसदों को अदरक, लहसुन, जीरा जैसी चीजें बताया था। इसके बाद AAP वर्करों ने हरभजन सिंह और अशोक मित्तल के घरों के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, केंद्र सरकार ने अशोक मित्तल और हरभजन सिंह को Y सिक्योरिटी दी। पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सुरक्षा हटा ली थी। अब BJP को पंजाब में नया नैरेटिव बनाने का मौका मिला है। पढ़ें पूरी खबर: AAP छोड़ने वाले सांसदों का डायरेक्ट ग्राउंड कनेक्ट नहीं
Related: जालंधर में होटल विवाद पर BJP-कांग्रेस भिड़ंत, धरपकड़