अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या: पुलिस मुठभेड़ में शूटर ढेर
अमृतसर में पंजाब पुलिस के ASI हरजीत सिंह की हत्या करने वाले एक शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि शनिवार देर रात दोनों स्कूटी पर बैठकर जा रहे थे। पुलिस टीम ने नाके पर रुकने को कहा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। क्रॉस फायरिंग में CIA के जवान की छाती में गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट से उसकी जान बच गई। पुलिस की गोली से एक शूटर दीपक ढेर हो गया। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जांच में साजिश के तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से जुड़ने की बात सामने आई है। आरोपियों को पैसे और नशे के कारोबार में हिस्सेदारी का लालच दिया गया था।
ASI की रेकी नहीं, पुलिसकर्मी था निशाना
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि आरोपियों को पंजाब के किसी भी पुलिसकर्मी को निशाना बनाने का टारगेट दिया गया था। उन्होंने ASI हरजीत सिंह की कोई रेकी नहीं की थी। वे इस मकसद से निकले थे कि जो भी पुलिसकर्मी दिखेगा, उसकी हत्या कर देंगे। अगर उस दिन हरजीत सिंह को निशाना नहीं बनाया जाता, तो किसी दूसरे पुलिसकर्मी को टारगेट किया जाता। जांच में यह भी सामने आया कि हरजीत सिंह को गोली मारने के बाद शूटर्स ने वीडियो बनाई। इसे सीमा पार बैठे हैंडलरों को वारदात के सबूत के तौर पर भेजा गया। पुलिस ने आरोपियों से मिले मोबाइल की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है, ताकि विदेशी हैंडलरों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके। जांच में पता चला कि दोनों शूटर्स को इस काम के बदले पैसे देने का लालच दिया गया था। पुलिस मोबाइल फोन के डेटा, लेन-देन और ड्रोन गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा होगा।
बाइक पर गश्त कर रहे थे ASI, गर्दन में मारी गोली
तरनतारन के रहने वाले ASI हरजीत सिंह अमृतसर के गेट हकीमा पुलिस थाने में तैनात थे। 18 सितंबर की रात करीब ढाई बजे वह दाना मंडी इलाके में पुलिस ड्यूटी पर थे। इसी दौरान बाइक पर आए 2 हमलावरों ने पिस्टल से गोली मारी। यह गोली उनकी गर्दन पर लगी। हरजीत सिंह जख्मी होकर वहीं गिर पड़े। पुलिस की टीमें तुरंत वहां पहुंचीं और गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले गईं, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। हत्या के बाद DGP गौरव यादव अमृतसर पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि ASI को क्लोज रेंज से 30 बोर की पिस्टल से शूट किया गया। मौके से इसका खोखा बरामद हुआ है। हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) नाम के संगठन ने ली थी। संगठन ने आगे भी पुलिस अफसरों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। अमृतसर के ही अजनाला में चलती स्कूटी पर एक और ASI की हत्या की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी। हालांकि पुलिस ने संगठन के नाम की पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि हत्याकांड के तार सीमा पार से जुड़े थे।
टावर लगाने का काम करता था मारा गया शूटर दीपक
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया शूटर दीपक का घर अमृतसर के गांव मूलेचक में है। करीब 20 साल का दीपक शुरूआत से ही खराब संगत में रहता था। मजहबी सिख परिवार से संबंधित दीपक नए टावर लगाने में मजदूर के तौर पर काम करता था। परिवार को भी उसकी हरकतों के बारे में पता था, इसलिए वे रोकते भी थे, लेकिन वह नहीं माना। मृतक दीपक के पिता बलविंदर ने बताया कि उनका बेटा पहले कामकाज करता था, फिर पता नहीं किन लड़कों के साथ बैठने लगा और नशे में पड़ गया। पुलिस कई दिनों से उसके पीछे लगी थी। पुलिस ने उनके घर की तलाशी भी ली थी और परसों शाम को साफ बताया कि उनके बेटे को तलाश किया जा रहा है। पिता ने बताया कि पुलिस ने उनके घर से स्कूटी पकड़ी, वह उनकी अपनी स्कूटी है और उसके कागजात भी उनके पास हैं। पाकिस्तान के साथ बेटे के लिंक पर उन्होंने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पिता ने बताया कि बेटे के नशे की वजह से उनका घर भी साढ़े तीन लाख रुपये में गिरवी रखा हुआ है।
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 24 मई 2026 की सुबह मजीठा इलाके में ASI जोगा सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात थे और स्कूटी से ड्यूटी पर जा रहे थे। हमलावरों ने पीछा कर चलती स्कूटी पर क्लोज रेंज से फायरिंग की। गोलियां उनके सीने और कमर में लगीं। मौके से गोली के खोल बरामद हुए। बाद में TTH ने हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। इसी तरह 11 सितंबर की रात अजनाला में ASI जसवंत सिंह पर फायरिंग हुई थी। गोली उनकी पगड़ी को चीरते हुए सिर को छूकर निकली। घायल जसवंत सिंह ने खुद बाइक चलाकर अजनाला थाने पहुंचे। पुलिस ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। गुरदासपुर में आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या की गई थी। यह चौकी भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। इन हत्याओं की जिम्मेदारी भी TTH ने ली थी।
TTH और TTP के बीच क्या है संबंध?
आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) ने अमृतसर में ASI की हत्या की जिम्मेदारी ली है। पुलिस के मुताबिक इस नाम से कोई ऑफिशियल या एक्टिव टेररिस्ट ग्रुप अस्तित्व में नहीं है। यह नाम असल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का एक पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा वर्जन है, जिसे भारत विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह नाम कभी-कभी अफवाहें फैलाने या सोशल मीडिया पर प्रचार के रूप में इस्तेमाल होता है। अब तक किसी बड़ी वारदात में इसका नाम नहीं आया। TTP को पाकिस्तान में फितना अल-हिंदुस्तान के नाम से भी संबोधित किया जाने लगा है। माना जाता है कि TTH को भारत में दहशत फैलाने के लिए TTP ने ही बनाया था, लेकिन आधिकारिक रूप से इसकी दहशतगर्दी के निशान अब तक भारत में कहीं मिले नहीं हैं। TTP ने 2013 में एक बयान में कहा था कि वे भारत में भी शरिया लागू करना चाहते हैं और कश्मीर में सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उसके बाद कोई बड़ा ऑपरेशन या तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम का ग्रुप भारत में सामने नहीं आया। यह ज्यादातर प्रचार या धमकी का हिस्सा था। TTP पाकिस्तान में एक प्रमुख दहशतगर्द संगठन है। इसे 2007 में बनाया गया। इसका मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान में शरिया आधारित अमीरात कायम करना है। यह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन विचारधारा में काफी करीब है। TTP पाकिस्तान में सेना, पुलिस और नागरिकों पर हमले करता रहता है। पाकिस्तान सरकार और सेना TTP को भारत समर्थित बताकर भारत पर आरोप लगाती है। भारत ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है और इन्हें पाकिस्तान की अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश बताया है।
Source: पंजाब पुलिस आधिकारिक वेबसाइट | गृह मंत्रालय भारत सरकार
Related: अमृतसर एनकाउंटर: थार से निकले शूटर, यूके गैंगस्टर की साजिश