वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में कौन? इन नेताओं के नाम चर्चा में

पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर घमासान

पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले नए अध्यक्ष को लेकर खींचतान तेज हो गई है। प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद संगरूर से पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला का नाम प्रधान पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। हालांकि सिंगला को लेकर पार्टी में अभी से विवाद दिख रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा दिल्ली पहुंच गए हैं। दोनों नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेंगे। चन्नी गुट राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ था। हालांकि चन्नी ने कहा कि अब नाराजगी दूर हो चुकी है। सब मिलकर काम करेंगे। किसे कब और कहां नियुक्त करना है, यह हाईकमान तय करेगा।

सिंगला के नाम पर पेंच फंसने की आशंका

क्या सिंगला के नाम पर पेंच फंस सकता है? ऐसा संभव है। सितंबर 2021 में जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम कुर्सी से हटाया गया था। तब कांग्रेस हाईकमान तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को सीएम बनाना चाहता था। मगर कुछ नेताओं ने इसका विरोध किया। कहा गया कि सिख बहुल राज्य में हिंदू सीएम नहीं होना चाहिए। किसी सिख को ही सीएम बनाया जाना चाहिए। ये आरोप सुनील जाखड़ भी लगाते रहे हैं। इसी वजह से बाद में चरणजीत चन्नी को सीएम कुर्सी दी गई। ऐसे में अब सिंगला को प्रधान बनाने का भी विरोध हो सकता है। पंजाब कांग्रेस में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण बड़ी भूमिका निभाते हैं। सिंगला की दावेदारी पर चन्नी गुट और अन्य धड़े सवाल उठा सकते हैं।

सचिन पायलट का पंजाब प्लान और हाईकमान की रणनीति

सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी है। रिपोर्ट में संगठनात्मक कमजोरियों और गुटबाजी पर चिंता जताई गई है। पायलट का प्लान है कि चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट किया जाए। नए अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द से जल्द हो। जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़े। हाईकमान चन्नी और रंधावा सहित सभी वरिष्ठ नेताओं से सलाह ले रहा है। दिल्ली में चल रही बैठकों में नामों पर मंथन हो रहा है। कांग्रेस को 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और भाजपा से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। ऐसे में पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर सहमति बनाना बड़ी चुनौती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि हाईकमान का फैसला सबको मंजूर होगा।

अमित शाह का नशामुक्ति मुद्दा और आप का पलटवार

इस बीच, जालंधर में गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब भाजपा को 2027 चुनाव के लिए नशामुक्ति का मुद्दा थमा दिया। उन्होंने पूरे पंजाब को एक ही मुद्दे में समेट दिया। कहा कि आने वाला चुनाव इसी मुद्दे पर लड़ा जाएगा। 25 मिनट के भाषण में अमित शाह ने नशे पर सीएम भगवंत मान और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला। आप ने पलटवार करते हुए कहा कि नशा गुजरात की देन है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भाजपा ने एक मौके वाली रणनीति अपनाई है। यह मुद्दा युवाओं और महिलाओं को टारगेट करता है। देखना होगा कि कांग्रेस अपने संगठन को कितना मजबूत कर पाती है।

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