सरपंचों को ₹10,000 मानदेय: CM मान का बड़ा ऐलान

पंजाब के सरपंचों को 10,000 रुपये मासिक मानदेय: मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को बठिंडा में आयोजित सरपंच मिलनी कार्यक्रम के दौरान एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2025 से राज्य के सभी सरपंचों को 10,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। यह फैसला गांवों के विकास और प्रशासनिक कामों में सरपंचों के योगदान को सम्मान देने के लिए लिया गया है।

सीएम भगवंत मान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “आज एक बड़ा फैसला लिया है। 15 अगस्त से हर सरपंच को 10,000 रुपये महीना वेतन मिलेगा। पंचायत लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। सरपंच रात-दिन गांव की सेवा करते हैं। उन्हें एक वेतन तो बनता है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इससे सरपंच अपने परिवार के साथ अच्छी तरह रह सकेंगे और गांव के विकास को और तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे। उन्होंने कहा, “गांव तरक्की करेगा तो पंजाब तरक्की करेगा। हम लोगों के लिए काम करते रहेंगे – यह हमारा वादा है।”

13,225 सरपंच चुने गए, 3,798 सर्वसम्मति से बने

पंजाब में अक्टूबर 2024 में पंचायत चुनाव हुए थे। इनमें राज्य की 13,225 ग्राम पंचायतों के लिए सरपंच चुने गए। खास बात यह है कि 3,798 सरपंच बिना किसी मुकाबले के सर्वसम्मति से चुने गए। बाकी सीटों पर मतदान हुआ। इसके अलावा, 48,861 पंच भी सर्वसम्मति से चुने गए थे। www.hindustantimes.com/india-news/punjab-panchayat-elections-2024-live-bypolls-voting-counting-results/amp-हिंदी में विस्तार से पढ़ें।

चुने गए सभी सरपंचों और पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष का है। यह कार्यकाल अक्टूबर 2029 तक चलेगा। यह तब तक लागू रहेगा जब तक किसी कानूनी या प्रशासनिक कारण से पंचायत पहले भंग नहीं की जाती। पंजाब में पंचायती राज व्यवस्था की मजबूती के लिए यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

हर महीने 13.23 करोड़ चाहिए, अब सबसे ज्यादा बेतन

पंजाब सरकार के इस फैसले से हर महीने 13.23 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। सालाना यह राशि लगभग 158.7 करोड़ रुपये होगी। पहले पंजाब में सरपंचों को सिर्फ 1,200 रुपये प्रति माह मानदेय मिलता था। अब यह बढ़कर 10,000 रुपये हो गया है। यह केंद्र और राज्यों में सबसे अधिक है।

देश के अन्य राज्यों में सरपंचों का मानदेय काफी कम है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 5,000 रुपये, राजस्थान में 4,800 रुपये, मध्य प्रदेश में 4,250 रुपये, छत्तीसगढ़ में 4,000 रुपये, बिहार में 2,500 रुपये और पश्चिम बंगाल में 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलता है। पंजाब सरकार का यह फैसला www.punjab.gov.in/ पर भी उपलब्ध है जिससे ग्रामीण नेतृत्व को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
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