पाले की ठिठुरन से कांपी दिल्ली: सड़कों से मैदानों तक जमी सफेद चादर

नई दिल्ली | उत्तर भारत में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर को ‘कोल्ड चैंबर’ में तब्दील कर दिया है। सोमवार की सुबह दिल्लीवासियों का सामना इस सीजन की सबसे तीखी ठंड से हुआ। सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.2°C दर्ज किया गया, जबकि आयानगर और पालम जैसे इलाकों में पारा 3°C के करीब पहुंच गया है।

मैदानों में जमी बर्फ की हल्की परत (पाला)

दिल्ली के बाहरी इलाकों और खुले पार्कों में आज सुबह घास और गाड़ियों के ऊपर पाले (Frost) की एक सफेद परत जमी देखी गई। ग्रामीण इलाकों में पाले के कारण फसलों को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, जब तापमान 4 डिग्री से नीचे चला जाता है और हवा में नमी अधिक होती है, तो ओस की बूंदें जमने लगती हैं, जिसे पाला गिरना कहा जाता है।

विजिबिलिटी शून्य, यातायात प्रभावित

घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है। इसका सीधा असर दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों और उड़ानों पर पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कई उड़ानों में देरी हुई है, वहीं उत्तर भारत की ओर जाने वाली दर्जन भर से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3-5 घंटे की देरी से चल रही हैं।

मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों तक शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है।

  • अधिकतम तापमान: 17-18°C रहने का अनुमान।

  • न्यूनतम तापमान: 3°C से 5°C के बीच रहने की संभावना।

प्रशासन की तैयारी और स्कूलों की स्थिति

कड़ाके की ठंड को देखते हुए दिल्ली और नोएडा में अधिकांश स्कूलों को पहले ही 15 जनवरी तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। रैन बसेरों में भीड़ बढ़ गई है और प्रशासन ने जगह-जगह अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

सावधानी: बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही वाहन चालकों को कोहरे के दौरान ‘फॉग लाइट’ का उपयोग करने को कहा गया है।