गलत खाते में नेफ्ट राशि भेजने पर बैंक भी जिम्मेदार

जोधपुर, 25 जुलाई । राज्य उपभोक्ता आयोग जोधपुर पीठ ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि नेफ्ट के माध्यम से गलत खाते में राशि जमा होने के मामले में केवल खाताधारक ही नहीं, बल्कि संबंधित बैंक भी जवाबदेह हैं। आयोग ने एचडीएफसी बैंक और यूनियन बैंक दोनों को संयुक्त रूप से जिम्मेदार मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में जिला उपभोक्ता आयोग, जैसलमेर के आदेश को बरकरार रखा।

आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कच्छावाहा एवं सदस्य लियाकत अली ने यह फैसला एचडीएफसी बैंक की अपील पर सुनाया। मामले के अनुसार परिवादी रतनलाल ने अपनी लेनदार फर्म लक्ष्मी एजेंसी जयपुर को 50 हजार रुपये नेफ्ट से भेजने के लिए यूनियन बैंक में आवेदन दिया था। फॉर्म में लाभार्थी का नाम, बैंक और आईएफएससी कोड सही दर्ज था, लेकिन खाता संख्या में अनजाने में एक अंक गलत लिख दिया गया। इसके चलते राशि लक्ष्मी एजेंसी के बजाय मनदीप कुमार के खाते में जमा हो गई।

परिवादी द्वारा कई बार बैंक से संपर्क करने के बावजूद समाधान नहीं होने पर उसने जिला उपभोक्ता आयोग जैसलमेर में परिवाद दायर किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके खिलाफ एचडीएफसी बैंक ने राज्य आयोग में अपील की। बैंक का तर्क था कि यह व्यावसायिक लेनदेन होने के कारण परिवादी उपभोक्ता की श्रेणी में नहीं आता तथा राशि गलत खाते में जाने के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है।

वहीं यूनियन बैंक ने भी आरबीआई के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि लाभार्थी की सही खाता संख्या दर्ज करना खाताधारक की जिम्मेदारी होती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने कहा कि यद्यपि खाता संख्या में त्रुटि परिवादी से हुई, लेकिन लाभार्थी का नाम और आईएफएससी कोड सही दर्ज थे। ऐसे में बैंक की ओर से आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। मामले में एचडीएफसी बैंक की ओर से अधिवक्ता दिलीप चौहान और हिमांशु सोलंकी, जबकि परिवादी रतनलाल की ओर से अधिवक्ता जोगेंद्र भारती ने पैरवी की।