तरनतारन: किसान यूनियन की 40 सदस्यीय कमेटी गठित, जानें मकसद

बीकेयू एकता संघर्ष की बूह हवेलियां में अहम बैठक

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) एकता संघर्ष ने ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए गांव बूह हवेलियां में एक विशेष बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को एकजुट करना और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाना था। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान सुखचैन सिंह विरक ने की। प्रदेश महासचिव सरदार दिलबाग सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

40 सदस्यीय नई कमेटी का गठन

बैठक के दौरान सर्वसम्मति से 40 सदस्यीय नई कमेटी का गठन किया गया। इस नई कमेटी को गांव के किसानों की समस्याओं को सुनने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमेटी इन समस्याओं को संगठन के समक्ष उठाएगी। जिला प्रधान सुखचैन सिंह विरक ने कहा कि नई कमेटी किसानों के हितों की रक्षा के लिए काम करेगी। उन्होंने सभी सदस्यों से अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी और लगन से निभाने का आह्वान किया। यह कदम किसान आंदोलन को ग्रामीण स्तर पर मजबूती देगा।

किसानों की मुख्य समस्याओं पर चर्चा

बैठक में फसलों के उचित मूल्य, खेती की बढ़ती लागत और किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहन चर्चा हुई। नहरी पानी की उपलब्धता और बिजली आपूर्ति जैसे मुद्दे भी उठाए गए। कृषि से जुड़ी सरकारी नीतियों की समीक्षा भी की गई। किसान नेताओं ने सभी किसानों से व्यक्तिगत मतभेद भुलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकारों की प्राप्ति के लिए सभी को एकजुट होना जरूरी है। किसानों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर

प्रदेश महासचिव सरदार दिलबाग सिंह ने ग्रामीण स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की विभिन्न समस्याओं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी का एक मंच पर एकजुट होना बेहद जरूरी है। इस अवसर पर प्रधान प्रताप सिंह, महासचिव अजेबीर सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान नरंजन सिंह, उपप्रधान शकीन सिंह, प्रेस सचिव सुखबीर सिंह सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे। बैठक में किसान नेताओं ने सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।

किसान आंदोलन को मिलेगी नई दिशा

यह बैठक किसान आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करने से किसानों की आवाज और मजबूत होगी। नई कमेटी के गठन से किसानों की समस्याओं का समाधान जल्दी होने की उम्मीद है। किसान नेताओं ने सभी से एकजुट रहने की अपील दोहराई। किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह एक सकारात्मक पहल है। आने वाले समय में यह कमेटी किसानों के हित में अहम भूमिका निभाएगी।

अधिक जानकारी के लिए देखें: PIB और कृषि मंत्रालय

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