प्रयागराज, 14 सितंबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उमाकांत प्रसाद शर्मा और तीन अन्य से दिव्यांग यात्रा भत्ता वसूली आदेश रद्द कर दिया है। 25 अप्रैल 2026 को पारित इस आदेश से जून 2022 से दिव्यांग यात्रा भत्ते ( हैंडीकैप्ड ट्रैवल अलाउंस) की वसूली का निर्देश दिया गया था। याचियों का कहना था कि उनसे भत्ते की वसूली सरकारी आदेश 22 अगस्त 2019 पर विचार किए बिना की जा रही है, जिसके तहत दिव्यांग यात्रा भत्ते की राशि बढ़ाई गई थी।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने लखनऊ बेंच के 22 दिसंबर 2023 के एक फैसले (गणेश शंकर मिश्रा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) का हवाला दिया, जिसमें इसी सरकारी आदेश के आधार पर भत्ता मंजूर किया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि वसूली का आदेश मनमाना और कानूनन गलत है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के वकील इस तथ्य का खंडन नहीं कर सके।
न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने वसूली आदेश को रद्द करते हुए मामला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वाराणसी को वापस भेज दिया, ताकि सभी पक्षों को सुनवाई का मौका देकर, नियमानुसार, कारण सहित नया आदेश दो महीने के भीतर पारित किया जाए।