बरनाला: पुलिस हिरासत में युवक की मौत, हत्या का शक

बरनाला में पुलिस हिरासत में युवक की संदिग्ध मौत, इलाके में तनाव

बरनाला के थाना ठुलीवाल में पूछताछ के लिए बुलाए गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गांव टिब्बा निवासी प्रदीप उर्फ मंगा के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सिविल अस्पताल बरनाला में एकत्रित होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन और हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत के दौरान प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना ने पंजाब के पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कस्टडी में हुई मौत का मामला अब एक बड़े विवाद में बदलता जा रहा है।

युवक की पहचान और पूछताछ की कहानी

मृतक के भाई अमृतपाल सिंह ने बताया कि प्रदीप ने हाल ही में किसी राहगीर से एक मोबाइल फोन खरीदा था, जो बाद में चोरी का निकला। इसी सिलसिले में जांच और पूछताछ के लिए ठुलीवाल पुलिस ने रविवार दोपहर प्रदीप को परिजनों के साथ थाने बुलाया था। अमृतपाल के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने प्रदीप के पिता और भाई को थाने के बाहर ही बिठा दिया और प्रदीप को अकेले अंदर ले गए। आरोप है कि अंदर जाने के महज 10 मिनट के भीतर ही पुलिसकर्मी घबराए हुए बाहर आए और कहा कि प्रदीप की तबीयत अचानक खराब हो गई है। इसके बाद दो जवान उसे बेसुध हालत में सरकारी गाड़ी में डालकर अस्पताल की तरफ भागे। परिजनों का दावा है कि प्रदीप की मौत थाने के अंदर ही हो चुकी थी। वे अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम का गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

पुलिस की सफाई और एसपी का बयान

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बरनाला के एसपी (डी) संजीव गोयल ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि युवक को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ यानी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया। एसपी संजीव गोयल ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदीप के शव को सिविल अस्पताल बरनाला के मर्चुरी हाउस में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति साफ होगी। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

तनावपूर्ण माहौल और परिजनों की मांग

पुलिस कस्टडी में हुई इस मौत के बाद से गांव टिब्बा और अस्पताल परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान प्रदीप के साथ बुरा व्यवहार किया। उन्होंने न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी है। परिजनों की मांग है कि जब तक जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी मामला दर्ज नहीं किया जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। इस घटना ने आम लोगों में पुलिस के प्रति डर और संदेह को बढ़ा दिया है। आगे की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वे इस संवेदनशील मामले में न्याय सुनिश्चित करते हैं या नहीं।
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