चंडीगढ़ के ‘झाड़ू योद्धा’ इंदरजीत सिंह सिद्धू 23 जून को पद्मश्री से होंगे सम्मानित

जागरूकता पैदा करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इंदरजीत सिंह सिद्धू की सफाई करते हुए और कचरे से भरी

रेहड़ी खींचते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बाद उनकी सेवा

भावना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। इंदरजीत सिंह सिद्धू का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल

स्वयं सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों को

इसके लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि यदि 88 वर्ष की आयु में भी वह अपने हाथों से सफाई कर

सकते हैं, तो समाज का हर व्यक्ति इस अभियान में योगदान दे सकता है।

उद्योगपति आनंद महिंद्रा सहित कई

प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने उनके कार्यों की सराहना की और उन्हें अनुशासन, समर्पण और सेवा

का प्रतीक बताया।पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद

कटारिया ने भी उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किए जाने के फैसले का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि इंदरजीत सिंह सिद्धू ने यह साबित कर दिया है कि समाज सेवा के लिए

न उम्र मायने रखती है और न ही पद। उनकी निस्वार्थ सेवा देशभर के नागरिकों के लिए

प्रेरणा का स्रोत है।