कोई मिट्टी वगैरह नहीं डाली गई है।
इस बुस्टिंग स्टेशन की दीवारें धीरे-धीरे टूट कर
कभी भी धराशायी हो सकती है। इस बुस्टिंग स्टेशन में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है और
ना ही इस बुस्टिंग स्टेशन के अंदर मिट्टी की भरत की गई है। बुस्टिंग स्टेशन के वाटर
टैंक की आज तक कोई सफाई नहीं की गई है वहीं वाटर टैंक का ढक्कन भी टूटा पड़ा हैं जिसके
चलते ग्रामीणों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। टैंक का ढक्कन टूटा
हुआ होने के चलते कभी भी जानलेवा घटना घटित हो सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार इस बुस्टिंग स्टेशन के अंदर
स्ट्रीट लाइट की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इन समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों
ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और ग्राम पंचायत के समक्ष कई बार गुहार लगाई परंतु
इन समस्याओं का अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बुस्टिंग
स्टेशन संबंधित इन समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान करवाएं जाने की मांग की है ताकि ग्रामीणों
को बुस्टिंग स्टेशन से संबंधित हो रही समस्याओं से निजात मिल सके।
जब इस बारे गांव के सरपंच प्रतिनिधि जगबीर पूनिया
से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के फोटो और वीडियो वगैरह संबंधित अधिकारियों
के पास डाल रखे हैं। इन अधिकारियों ने इन समस्याओं का समाधान करवाएं जाने का आश्वासन
दिया हुआ है।
जब इस बारे जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग
के एसडीओ विजय पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण करके इन समस्याओं
का समाधान करवा दिया जाएगा।