वाई प्लस नियमों की अवहेलना कर रहे दुष्यंत चौटाला, शिकायत पर जांच जारी : डीएसपी

की अवहेलना है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने उन्हें शिकायत दे रखी है।

डीएसपी ने बताया कि गत 16 अप्रैल को जजपा नेता

दिग्विजय चौटाला अपने समर्थकों के साथ कुलपति कार्यालय में प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे।

वहां मौजूद पुलिस बल और विश्वविद्यालय प्रशासन ने समझाया लेकिन उन्होंने किसी की भी

नहीं मानी और उनका प्रदर्शन उग्र हो गया। उन्होंने कुलपति के कार्यालय के गेट को तोड़ने

का प्रयास किया और वहां मौजूद पुलिस बल और जीजेयू प्रशासन के साथ अभद्रता की। शांतिपूर्वक

रूप से प्रदर्शन किया जा सकता है लेकिन अगर उग्र रूप से प्रदर्शन करते हैं तो कानून

अपना काम करेगा।

इस घटना के बाद गुजवि प्रोटेक्टर अनिल कुमार

ने शहर थाना में शिकायत दी। उस शिकायत के आधार पर शहर थाना में केस दर्ज किया गया।

उसमें दिग्विजय चौटाला समेत आठ को आरोपी बनाया और उक्त आरोप में छह आरोपियों को गिरफ्तार

किया गया। डीएसपी कमलजीत के अनुसार 17 अप्रैल को हमें सूचना मिली कि दुष्यंत चौटाला

और दिग्विजय चौटाला अपने समर्थकों के साथ सामूहिक गिरफ्तारी देने सिटी थाना में पहुंच

रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों के साथ 10-15 मिनट प्रदर्शन करके यह कहकर

चल पड़े कि हम अपनी गिरफ्तारी एसपी ऑफिस में एसपी साहब के सामने देंगे।

यह बात सुनकर वहां तैनात सीआईए मिल गेट की टीम

लघु सचिवालय के लिए चल पड़ी इस दौरान दुष्यंत चौटाला का काफिला भी वहां से चल पड़ा। दुष्यंत

चौटाला की प्राइवेट पायलट गाड़ी तेज गति से चल रही थी इस दौरान पायलट गाड़ी ने सीआईए

टीम की गाड़ी को दो-तीन बार गलत तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की जिससे दुर्घटना होते

होते बची। जब गाड़ी सब्जी मंडी पुल के पास पहुंची तो जो पायलट गाड़ी गलत तरीके से ओवरटेक

किया।

इस पर सीआईए इंचार्ज ने अपनी गाड़ी को सामने लगाकर

पायलट गाड़ी के चालक को हिदायत दी कि आप बहुत गलत ड्राइविंग कर रहे हो जिससे हमारी गाड़ी

दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची है। इसलिए आप ढंग से गाड़ी चलाओ। यह बात कहकर सीआईए इंचार्ज

अपनी गाड़ी में बैठ गया, इस पर दुष्यंत चौटाला ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और दिग्विजय

ने वहां मौजूद पुलिस कर्मचारी के साथ काफी अभद्रता की और उसे धक्का भी दिया।

डीएसपी ने बताया कि इस मामले में अब तक चार शिकायतें

आई हैं। ये शिकायतें पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, उनके सुरक्षा कर्मी प्रदीप,

सीआईए इंचार्ज पवन और ईएसआई राजकुमार की ओर से दी गई है। इस सारे मामले की जांच एसआईटी

कर रही है।

सीआईए इंचार्ज के पास हथियार होने के सवाल पर

डीएसपी ने कहा कि उनके पास हथियार नहीं हाथ में मोबाइल था। कोई भी पुलिस अधिकारी या

कर्मचारी हथियार लहराकर कानून हाथ में नहीं लेता। वैसे भी यदि कोई पुलिस अधिकारी हथियार

लेकर कहीं जाता है तो यह थाने के रजिस्ट्रर में दर्ज होता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।