पंजाब की राजनीति में अमृतपाल सिंह मुद्दा गरमा
पंजाब की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। खालिस्तानी समर्थक नेता अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर बहस छिड़ी है। उन पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 23 अप्रैल को खत्म हो रहा है। पंजाब सरकार उनकी हिरासत बढ़ाना चाहती है। सरकार सुरक्षा कारणों का हवाला दे रही है। इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
सिद्धू की पत्नी ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी ने तीखा हमला बोला है। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चुनौती दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर कठपुतली होने का आरोप लगाया। उनका सवाल है कि मुख्यमंत्री किसके इशारे पर काम कर रहे हैं। सिख समुदाय के प्रति नीति पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अमृतपाल सिंह को न्यायिक प्रक्रिया में लाने की मांग
डॉ. सिद्धू ने अमृतपाल सिंह के मामले पर स्पष्टता मांगी। उन्होंने पूछा कि अगर वह दोषी हैं तो सिस्टम के सामने लाएं। पर्दे के पीछे से नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। उन्होंने पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया का आह्वान किया। यह बयान पंजाब की उच्च-स्तरीय राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है।
पति की जेल यात्रा का जिक्र और गंभीर आरोप
नवजोत कौर सिद्धू ने अपने पति के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू एक साल जेल में रहे। मुख्यमंत्री को पता था कि वह निर्दोष हैं। फिर भी सिस्टम की कठपुतली बन गए। सच्चाई स्वीकार करने से इनकार कर दिया। यह आरोप राजनीतिक विवाद को और बढ़ा रहे हैं।
मूल्यों से समझौता न करने की दी सलाह
डॉ. सिद्धू ने मुख्यमंत्री को सीधी सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मूल्यों से समझौता न करें। नवजोत सिद्धू को जेल में डालकर दबाव नहीं बनाया जा सकता। उनके शरीर में योद्धाओं का खून बहता है। यह बयान पंजाब की सिख राजनीतिक धाराओं के तनाव को दर्शाता है। राज्य की राजनीति में यह नया मोड़ है।
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