सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर समेत तीन के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी

जौनपुर, 17 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में विधानसभा चुनाव-2022 के दौरान आदर्श आचार संहिता और कोविड-19 गाइडलाइंस के उल्लंघन के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने शनिवार को सख्त रुख अपनाया। अदालत ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश के बावजूद अनुपस्थित रहने पर समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक डॉ. रागिनी सोनकर समेत तीन आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया। आरोपितों की ओर से पेशी से छूट और सुनवाई स्थगित करने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को अदालत ने खारिज कर दिया।

मामले के अनुसार, 17 फरवरी 2022 को मछलीशहर थाने में तत्कालीन सपा उम्मीदवार डॉ. रागिनी सोनकर, सरवर राईन, मोहम्मद मुस्ताक, राजेश यादव, कैलाश सोनकर और 100 से 125 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि चुनाव के दौरान समर्थकों के साथ वाहन और पैदल जुलूस निकालकर आवागमन बाधित किया गया। पुलिस के मुताबिक, जुलूस में झंडे और बैनर लहराए जा रहे थे। समझाने के बावजूद निर्वाचन आयोग के निर्देशों और कोविड नियमों का उल्लंघन किया गया।

पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद मामला आरोपितों के बयान दर्ज करने के लिए नियत किया गया। पिछली तारीख पर अदालत ने सभी आरोपितों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

शनिवार को सुनवाई के दौरान सरवर राईन और मोहम्मद मुस्ताक अदालत में उपस्थित हुए, जबकि डॉ. रागिनी सोनकर समेत तीन आरोपित अनुपस्थित रहे। डॉ. रागिनी सोनकर और कैलाश सोनकर की ओर से पेशी से छूट की अर्जी दी गई। इसमें विधानसभा की बैठक के सिलसिले में लखनऊ जाने के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो पाने का हवाला दिया गया। अदालत ने अर्जी स्वीकार नहीं की और अनुपस्थित तीन आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

इस मामले में विधायक डॉ. रागिनी सोनकर में बताया कि सिर्फ गुमराह करने के लिए यह खबर चलाई जा रही है। 2022 का मामला है इस मामले में हमारे अधिवक्ता लगातार तारीखों पर उपस्थित होकर कार्रवाई कर रहे हैं। अगली तारीख 22 अक्टूबर को है। इस मामले में मैं अपने अधिवक्ता से बात कर रही हूं यह सब खबर भ्रामक फैलाई जा रही है।