अस्पताल से कैदी फरार, ₹50 लाख फिरौती का आरोपी हथकड़ी तोड़कर भागा

घटना का सार

गुरदासपुर के बटाला सिविल अस्पताल में शनिवार को एक कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। वह इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था, किन्तु उपचार के दौरान ही भाग निकल गया। वार्ड के बेड पर ताला लगा मिला और एक तरफ से बेड पर जाली जैसा निशान दिखा। पुलिस ने पुष्टि की कि घटना के पीछे गंभीर सुरक्षा चूक मानी जा रही है। आरोपी ने 21 नवंबर को कांग्रेस नेता गौतम गुड्डू सेठ की दुकान पर गोली चलाई थी और फिरौती की मांग की थी। एनकाउंटर के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था और वह बटाला के सरकारी अस्पताल के निजी वार्ड में भर्ती था। चिकित्सा के दौरान ही भागने की कोशिश ने अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा दिया। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की जाँच तेज कर दी गई है।

आरोपी की पहचान और घटनाक्रम

आरोपी का नाम कंवलजीत उर्फ लवजीत सिंह है, जिसे पुलिस ने पकड़ रखा था। पुलिस के मुताबिक उसने गैंगस्टर नीशाण जौड़िया के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने की कोशिश की थी। घटना शाहपुर-झाझर इलाके के आस-पास की बताई जा रही है, जहाँ वह घूम रहा था। फिरौती न देने पर कांग्रेस नेता की दुकान पर तीन राउंड फायरिंग की गई थी। एनकाउंटर के बाद उसे बटाला के सरकारी अस्पताल के निजी वार्ड में भर्ती कराया गया था। पर इलाज के समय वह वहां से भाग गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गईं। अस्पताल परिसर में सुरक्षा इंतजामों की कमी स्पष्ट है और यह सवाल उठता है कि अगली बार ऐसी घटना रोकथाम कैसे संभव होगी।

हॉटस्पॉट और सुरक्षा प्रश्न

वार्ड में कुछ समय तक ताले और बेड की सुरक्षा कमजोर दिखी, जिससे सुरक्षा कर्मी परेशान रहे। उसके भागने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और शिकायतें भी दर्ज की गईं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि संदिग्ध के चेहरे की पहचान की जा सके। सिटी प्रभारी ने कहा कि आरोपी जल्द गिरफ्त में होगा क्योंकि सभी नाकाबंदी सक्रिय हैं। आसपास के सभी रास्तों पर उसकी तलाशी और पूछताछ जारी है। कथित गैंगस्टर जौड़िया के नाम से मांगी गई रकम के पीछे उसका संलिप्त होना भी गहन जाँच का हिस्सा है। सुरक्षा तंत्र के ढांचे में सुधार की दिशा में यह घटना बड़ा संकेत है कि अस्पताल सुरक्षा में अभी भी कमी है, खासकर ऐसी जगहों पर जो भीड़-भाड़ वाले हों।

एनकाउंटर के बाद की स्थिति और सुरक्षा उपाय

यह घटना कानून व्यवस्था के लिए बड़ा चैलेंज है, क्योंकि अस्पताल परिसर आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है। आरोपी अस्पताल से भाग कर प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना है, क्योंकि वहां सुरक्षात्मक प्रबंधन कमजोर पड़ा था। सुरक्षा खामियों पर गम्भीर सवाल उठते हैं और तदनुसार कदम उठाने की मांग है। साथ ही यह मामला पंजाब में थाना-प्रशासन के समन्वय पर भी विपरीत असर डाल सकता है। आगे की कार्रवाई में उसकी पहचान पुख्ता करना और उससे जुड़ी अन्य वजहों की जाँच जरूरी है। अंततः पुलिस ने कहा है कि आरोपी जल्द पकड़ में होगा, सीसीटीवी और नाकाबंदी से मदद मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए देखें Tribune India और The Indian Express। हम आगे घटनाक्रम से जुड़ी ताजा खबरें प्रकाशित करेंगे।
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