पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को मिल सकती है पैरोल
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में दिल्ली की मंडोली जेल में सजा काट रहे बब्बर खालसा से जुड़े जगतार सिंह हवारा ने पैरोल के लिए सहमति जताई है। सूत्रों के मुताबिक, हवारा को 6 घंटे की पैरोल मिल सकती है। इस दौरान वह अपनी बीमार मां से मिल सकेगा। यह पैरोल मानवीय आधार पर दी जा रही है, क्योंकि हवारा की 80 वर्ष से अधिक उम्र की मां गंभीर रूप से बीमार हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पहले कस्टडी पैरोल से किया था इनकार
इससे पहले हवारा को बीमार मां से मिलने के लिए पुलिस सुरक्षा के साथ कस्टडी पैरोल मंजूर हुई थी। लेकिन उसने सुरक्षा घेरे में मां से मिलने जाने से इनकार कर दिया था। हवारा चाहता था कि उसे सामान्य पैरोल दी जाए। वहीं, जेल अधिकारियों का तर्क था कि हाई-रिस्क कैदी होने के कारण पैरोल के दौरान उसके साथ सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती जरूरी है। अब हवारा ने पैरोल की शर्तों पर सहमति जता दी है, जिससे रास्ता साफ हो गया है।
सीएम मान ने की थी 10 दिन की पैरोल की सिफारिश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की थी। यह मांग मानवीय आधार पर की गई थी। सीएम मान ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया था कि हवारा को पैरोल मिलने पर पंजाब में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। चूंकि मामला दिल्ली की जेल से जुड़ा है, इसलिए पैरोल को लेकर राज्यपाल की सिफारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। राज्यपाल ने इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव से बात करने का भरोसा दिया था।
31 अगस्त 1995 को हुआ था बेअंत सिंह हत्याकांड
31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ सिविल सचिवालय के बाहर हुए बम धमाके में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में जगतार सिंह हवारा को 2007 में मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में 2010 में हाई कोर्ट ने इसे उम्रकैद में बदल दिया। हवारा करीब 31 वर्षों से जेल में बंद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पैरोल को लेकर हर कदम पर सतर्कता बरती जा रही है।
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बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल देने की मांग की थी। सीएम ने पत्र में कहा था कि हवारा की बुजुर्ग माता की तबीयत बेहद गंभीर है और उसे अपनी मां से मिलने का मौका मिलना चाहिए।
पंजाब सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर इस मामले से जुड़ी अन्य जानकारी देखी जा सकती है। वहीं, भारत सरकार का राष्ट्रीय पोर्टल भी ऐसे मामलों में उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराता है।
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