चंडीगढ़, 09 अक्टूबर । पंजाब सरकार ने 1992 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी गौरव यादव को राज्य का नियमित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। उन्हें हेड ऑफ पुलिस फोर्स (एचओपीएफ) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उनका कार्यकाल पदभार संभालने की तारीख से न्यूनतम दो वर्ष का होगा। गौरव यादव 5 जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
यह नियुक्ति पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की ओर से नियमित डीजीपी की नियुक्ति में हो रही देरी पर सवाल उठाए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने जुलाई में राज्य सरकार को तीन योग्य आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था, लेकिन नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं हो सकी थी।
नियमित पुलिस प्रमुख की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में डीजीपी का पद बेहद महत्वपूर्ण है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि कार्यवाहक व्यवस्था को अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखा जाना चाहिए। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को उचित निर्णय लेने का निर्देश देते हुए मुख्य सचिव से अगली सुनवाई से पहले हलफनामा दाखिल करने को कहा था। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित है।
गौरव यादव की नियुक्ति यूपीएससी की ओर से तैयार तीन अधिकारियों के पैनल में से की गई है। इस पैनल में उनके अलावा डॉ. शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम शामिल थे। यूपीएससी ने 1 जुलाई 2026 को राज्य सरकार की ओर से भेजे गए नामों पर विचार करने के बाद इन तीनों अधिकारियों को डीजीपी पद के लिए उपयुक्त माना था। इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को गौरव यादव की नियमित डीजीपी के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी।
गौरव यादव का जन्म 16 अप्रैल, 1969 को हुआ था। वह 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। नियमित डीजीपी नियुक्त होने से पहले वह पंजाब पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनकी नियुक्ति के साथ राज्य पुलिस को अब नियमित प्रमुख मिल गया है।
गृह विभाग के आदेश में उच्चतम न्यायालय के 22 सितंबर 2006 और 3 जुलाई 2018 के निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है। ये निर्देश प्रकाश सिंह एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में पुलिस सुधारों से संबंधित हैं। नियुक्ति आदेश पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर के हस्ताक्षर हैं।———-