जेएनयू प्रकरण पर भाजपा महिला मोर्चा ने किया कांग्रेस मुख्यालय कूच का प्रयास

जयपुर, 10 अक्टूबर । जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्राओं से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने शनिवार को जयपुर में प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ और जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा मुख्यालय से कांग्रेस मुख्यालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने चौंमू हाउस सर्किल पर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम का पुतला दहन कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

वहीं प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ता पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचीं। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच, गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा बैरिकेडिंग पर चढ़ने का प्रयास करती नजर आईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए चौमूं हाउस सर्किल पर बड़ी संख्या में जवान तैनात किए थे। प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुरुष कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी सार्वजनिक मंचों से महिला अधिकारों और सम्मान की बात करते हैं। ऐसे में कांग्रेस सांसद से जुड़े आरोपों पर पार्टी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जवाबदेही में भी दिखाई देना चाहिए। छात्राओं को न्याय मिलना चाहिए और उनकी पहचान व निजता की रक्षा की जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक प्रभाव के आधार पर जवाबदेही से ऊपर नहीं माना जा सकता। उन्होंने मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि जेएनयू की छात्राओं से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मामला नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई से जुड़ा विषय है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से छात्राओं को न्याय दिलाने और जवाबदेही के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। शर्मा ने कहा कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष रहनी चाहिए और छात्राओं की निजता सुरक्षित रखी जानी चाहिए। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।

राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने कहा कि यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों में शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा, निजता और गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए। जांच से संबंधित तथ्यों और निष्कर्षों को जिम्मेदारी के साथ सामने रखा जाना चाहिए, ताकि छात्राओं पर सामाजिक या मानसिक दबाव नहीं पड़े। उन्होंने मामले में आगे की प्रक्रिया नियमानुसार और निष्पक्ष तरीके से पूरी करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि ऐसे मामलों को राजनीतिक नजरिये के बजाय छात्राओं के अधिकारों और न्याय के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनीषा सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को महिला सुरक्षा और जवाबदेही के सवाल पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान केवल राजनीतिक भाषणों का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए। छात्राओं को न्याय मिले, उनकी निजता सुरक्षित रहे और जांच पर किसी तरह का दबाव नहीं पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। मनीषा सिंह ने राहुल गांधी से भी मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सांसद के खिलाफ गिरफ्तारी सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।

भाजपा महिला मोर्चा ने कहा कि छात्राओं से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।