चंडीगढ़ में ओला पर 6 महीने का बैन! जानें वजह

चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओला (ANI टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड) का एग्रीगेटर लाइसेंस 6 महीने के लिए तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह फैसला नियमों के उल्लंघन और स्थानीय कार्यालय बंद होने के कारण लिया गया है। यह कार्रवाई ड्राइवर कल्याण नियमों का पालन न करने और चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर्स रूल्स, 2025 के तहत नोटिस का जवाब न देने पर की गई है।

अब त्रिसिटी में ओला की टैक्सी, ऑटो और बाइक सेवाएं प्रतिबंधित हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों को जब्त किया जा सकता है।

प्रशासन ने जारी किया सार्वजनिक नोटिस

चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस में यह जानकारी दी गई है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी ने बार-बार नोटिस और निर्देशों के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया। ड्राइवरों से जुड़ी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। प्रशासन को जरूरी जवाब भी नहीं दिए गए।

STA के आदेश के अनुसार, कंपनी को जनवरी 2024 में एग्रीगेटर लाइसेंस दिया गया था। बाद में चंडीगढ़ प्रशासन ने ‘चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स रूल्स-2025’ लागू किया था। इसके तहत सभी एग्रीगेटर कंपनियों को नियमों का पालन करना अनिवार्य था।

प्रशासन को कैब ड्राइवरों से शिकायतें मिलीं। कंपनी ड्राइवरों के स्वास्थ्य बीमा, टर्म इंश्योरेंस और प्रशिक्षण जैसी शर्तों का पालन नहीं कर रही थी।

बिना सूचना बंद किया गया कार्यालय

नियमों की जांच के लिए गठित समिति ने पाया कि कंपनी ने करीब एक साल पहले स्थानीय कार्यालय बंद कर दिया था। प्रशासन को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। समिति ने मई 2026 में तीन बार कंपनी के पते का दौरा किया। हर बार कार्यालय बंद मिला।

समिति ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना। इसके बाद कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई। प्रशासन ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। लेकिन निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

मई 2026 में आयोजित बैठक में भी कंपनी का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। यह भी पाया गया कि प्रशासन द्वारा तय किराया दरें कभी लागू नहीं की गईं। ओला लाइसेंस निलंबन की पूरी खबर यहां पढ़ें

ड्राइवरों ने किया था जोरदार प्रदर्शन

चंडीगढ़ ट्राईसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन ने 16 जून तक हड़ताल की थी। ड्राइवरों ने सेक्टर-25 रैली ग्राउंड और STA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस हड़ताल से चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में करीब 50,000 दैनिक यात्री प्रभावित हुए।

यात्रियों को भीषण गर्मी में बसों या ऑटो का सहारा लेना पड़ा। आंदोलन के आखिरी दिन ड्राइवरों ने STA दफ्तर घेरने की कोशिश की। पुलिस ने यूनियन प्रधान विक्रम पुंडीर सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

STA सचिव नितिश सिंगला ने एग्रीगेटर नियम-2025 के तहत अधिकारों का इस्तेमाल किया। कंपनी का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया। कैब ड्राइवरों के प्रदर्शन से जुड़ी खबर यहां देखें

इस कार्रवाई से ओला की सेवाएं अब शहर में बंद हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन जब्त किए जा सकते हैं। यह कदम ड्राइवरों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।
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