चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) में ₹1.14 करोड़ के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फर्जी फोटोस्टेट दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय लेनदेन किया गया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचा।
मामला सामने आने के बाद PGI प्रशासन हरकत में आ गया है और आंतरिक जांच के साथ-साथ एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है।
कैसे सामने आया ₹1.14 करोड़ का घोटाला
सूत्रों के मुताबिक, PGI के एक विभाग में नियमित ऑडिट और रिकॉर्ड मिलान के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई। जब असली फाइलों की तुलना फोटोस्टेट दस्तावेजों से की गई, तो रकम और अनुमोदन से जुड़े कई अंतर सामने आए।
इसी दौरान यह संदेह गहराया कि भुगतान और स्वीकृति की प्रक्रिया में जानबूझकर हेरफेर किया गया है। शुरुआती आकलन में यह राशि करीब ₹1.14 करोड़ बताई जा रही है।