युवती की हत्या में एक काे आजीवन कारावास और दूसरे काे पांच साल की सजा

हरिद्वार, 18 फ़रवरी । प्रेम संबंधों के चलते युवती की हत्या करने के मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने मुख्य आरोपित को आजीवन कारावास सजा सुनाई। इसी मामले में एक अन्य आरोपित को काेर्ट ने हत्या का सबूत छुपाने में 5 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई गई है।

शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम रावली महदूद निवासी सुखबीर सिंह चौहान ने 25 मई 2020 को थाना सिडकुल में दी गयी तहरीर दी थी कि आरोपित रोहित पुत्र निलेश निवासी ग्राम चिडैया, नवादा, बिहार एवं सोनम उर्फ वर्षा निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश सिडकुल स्थित फैक्ट्री में कार्य करते थे। दोनों ने शिवनगर कॉलोनी निकट डेंसो चौक, सिडकुल स्थित उनके मकान में कमरा नंबर 28 किराए पर लिया था। इसी मकान में मंजू कुमारी पुत्री गजेंद्र सिंह निवासी ग्राम महोदा जिला फर्रुखाबाद भी एक अन्य कमरे में किराए पर रहती थी। 24 मई 2020 की रात को पुलिस ने कमरा नंबर 28 के बाथरूम में एक सूटकेस में सोनम उर्फ वर्षा का शव बरामद किया था।

पूछताछ करने पर पता चला था कि सोनम और मंजू से रोहित का प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिस कारण रोहित और सोनम में झगड़ा होता रहता था। मंजू और रोहित का सोनम के साथ प्रेम प्रसंग को लेकर पहले भी झगड़ा हुआ था। इसी कारण रोहित और मंजू ने मिलकर सोनम उर्फ वर्षा को मार डाला और उसकी लाश को सूटकेस में छुपा दिया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने 29 मई 2020 को आरोपित मंजू व रोहित को गिरफ्तार किया था। मुकदमे में वादी पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने रोहित को हत्या और मंजू को साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया है।