डेराबस्सी में अवैध माइनिंग का मामला उजागर
डेराबस्सी क्षेत्र के ककराली गांव के पास घग्गर नदी में अवैध माइनिंग का मामला सामने आया है। यह घटना रात के समय हुई। इससे क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में खुलेआम रेत और गटका निकाला जा रहा है। यह गटका पत्थर होता है। ग्रामीणों के अनुसार, नदी किनारे देर रात तक ट्रॉलियों की आवाजाही जारी रहती है।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का दावा है कि रात में दर्जनों ट्रॉलियां कतारों में खड़ी रहती हैं। ये ट्रॉलियां खनन गतिविधियों में लगी हैं। खनन का काम लगातार चलता रहता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नए माइनिंग अधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद माइनिंग माफिया फिर से सक्रिय हो गया है। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत हो सकती है। लोगों का यह भी आरोप है कि वन विभाग की सरकारी भूमि में भी खुदाई की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। इस तरह की गतिविधियां नदी के बहाव को भी प्रभावित कर सकती हैं। अवैध माइनिंग के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां पढ़ें।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि अवैध गतिविधियां सामने आती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेत और पत्थर की अवैध निकासी से गांव की जमीन को खतरा है। वे चाहते हैं कि प्रशासन तुरंत संज्ञान ले। इसके अलावा, ग्रामीणों ने वन विभाग से भी जांच की अपील की है। उनका कहना है कि सरकारी भूमि में खुदाई गंभीर मामला है। अवैध खनन के पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में यहां और पढ़ें।
माइनिंग माफिया की सक्रियता से चिंता
नए माइनिंग अधिकारी के आने के बाद यह मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि माइनिंग माफिया फिर से सक्रिय हो गया है। वे रात के समय में नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत की आशंका जताई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। अवैध माइनिंग एक गंभीर अपराध है। इससे न केवल भूमि का क्षरण होता है, बल्कि वन्यजीवों को भी खतरा है। इसलिए, ग्रामीणों ने तत्काल जांच की मांग की है। वे चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। प्रशासन को इस मामले में पारदर्शिता दिखानी चाहिए। अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी की आवश्यकता है। ग्रामीण सरकार से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
Related: अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, सात ट्रैक्टर ट्राली जब्त