झालावाड़, 15 सितंबर । जिले के पिंडवाड़ा क्षेत्र में मंगलवार सुबह धरती के कांपने से पांच गांवों में दहशत फैल गई। करीब ढाई घंटे के भीतर तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से ग्रामीण घबरा गए और घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर आ गए। कई मकानों की दीवारों में दरारें आने की भी जानकारी सामने आई है। भूकंप के झटकों के बाद स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को बाहर निकालकर छुट्टी कर दी गई।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र नई दिल्ली के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3 मापी गई। भूकंप का केंद्र झालावाड़ जिले में जमीन के करीब 15 किलोमीटर नीचे बताया गया है।
ग्राम पंचायत नोलाई क्षेत्र के नोलाई, बरखेड़ी, खजुरी, नापाखेड़ी और आवर गांवों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। ग्रामीणों के अनुसार पहला झटका सुबह करीब 7:15 बजे आया। इसके बाद 8:20 बजे और फिर 9:53 बजे धरती हिली। लगातार तीन बार झटके महसूस होने से लोगों में भय का माहौल बन गया।
भूकंप के दौरान गांवों में अफरा-तफरी का माहौल नजर आया। गलियों में बैठे पशु धरती हिलते ही उठकर भागने लगे।
ग्रामीणों ने घबराकर घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों का रुख किया। कई लोग काफी देर तक घरों में जाने से बचते रहे।
भूकंप के झटकों से कई मकानों की दीवारों में दरारें आने की बात सामने आई है। ग्रामीणों में अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
सुबह स्कूलों में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक भूकंप के झटके महसूस हुए। शिक्षकों ने सुरक्षा के लिहाज से तुरंत विद्यार्थियों को स्कूल भवन से बाहर निकालकर खुले मैदान में बैठाया। बाद में स्कूलों में छुट्टी कर दी गई।
अचानक आए झटकों से बच्चों और अभिभावकों में भी चिंता फैल गई। स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बच्चों को घर भेज दिया।
लगातार भूकंप के झटके महसूस होने के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा गया है।