अर्थशास्त्र पेपर लीक मामला : सात लाख में पेपर दिलाने वाला शिक्षक गिरफ्तार

जयपुर, 15 सितंबर । राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से अक्टूबर 2022 में आयोजित प्राध्यापक भर्ती परीक्षा (अर्थशास्त्र) के परीक्षा पूर्व पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया है। एसओजी ने श्रवण कुमार (30) को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार श्रवण कुमार धोरीमन्ना बालोतरा का निवासी है। वह वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारों का तला, धोरीमन्ना में द्वितीय श्रेणी विज्ञान शिक्षक के पद पर कार्यरत था और फिलहाल निलंबित है।

एसओजी की जांच के अनुसार तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा ने अन्य विषयों के साथ अर्थशास्त्र का पेपर भी परीक्षा से पहले शेरसिंह उर्फ अनिल मीणा को उपलब्ध कराया था। इसके बाद शेरसिंह से पेपर सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण गिरोह तक पहुंचा। गिरोह ने अपने संपर्क सूत्रों के माध्यम से राज्य के विभिन्न स्थानों, विशेष रूप से जोधपुर में, अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पेपर पढ़ाया था।

एसओजी ने इस मामले में पहले गोपाल, निवासी नेड़ी-नाड़ी, धोरीमन्ना को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गोपाल ने बताया कि श्रवण कुमार उसका ग्रामीण और मित्र है। परीक्षा से पहले श्रवण ने उसे अपने घर बुलाकर पेपर लीक गिरोह से संपर्क होने की जानकारी दी और दोनों दिनों की परीक्षा से पहले 7 लाख रुपए में पेपर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। जांच के अनुसार इसी लीक पेपर के आधार पर गोपाल का प्राध्यापक भर्ती परीक्षा (अर्थशास्त्र) में चयन हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि श्रवण कुमार ने स्वयं द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर चयन हासिल किया था। इस मामले में वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। वर्तमान में श्रवण कुमार और गोपाल दोनों अपने-अपने पदों से निलंबित हैं। आरोपित को अदालत से चार दिन का रिमांड मिलने के बाद एसओजी पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरे मामले में आरोपी की भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है।