प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई: फर्जी कॉल सेंटर गिरोह का भंडाफोड़
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों से धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने चंडीगढ़, मोहाली और मध्य प्रदेश में स्थित 8 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह कार्रवाई विजय राज कपूरिया, वरिंदर राज और मैसर्स इन्फिमम एंटरप्राइज से जुड़े परिसरों पर की गई। छापेमारी के दौरान 20 लाख रुपये की नकदी, डिजिटल उपकरण और काफी सामान बरामद हुआ है। यह मामला धन शोधन और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है।
मोहाली पुलिस की FIR से शुरू हुई जांच
ED ने यह जांच पंजाब पुलिस के सोहाना थाना (SAS नगर, मोहाली) में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। पुलिस की जांच में पता चला था कि मोहाली के सेक्टर 108 स्थित इमार (Emaar), प्लॉट नंबर 29 से एक अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा था। यहां से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी की जाती थी। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई है। पुलिस और ED की संयुक्त कार्रवाई से इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
शेल कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी से पैसों का लेनदेन
जांच में पाया गया कि ठगे गए पैसे को कई माध्यमों से ट्रांसफर किया जाता था। पीड़ितों से लिए गए पैसे PayPal, Stripe और बैंकिंग चैनलों के जरिए भेजे जाते थे। इसके अलावा बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी का भी इस्तेमाल किया जाता था। हवाला के रास्ते भी अवैध धन का लेनदेन होता था। इन फंड्स को अमेरिका स्थित फर्जी और शेल कंपनियों के खातों में घुमाया जाता था। मैसर्स इन्फिमम एंटरप्राइज LLP के बैंक खाते में कई संदिग्ध विदेशी संस्थाओं से सीधे पैसे प्राप्त हुए थे। इससे साफ है कि यह एक संगठित वित्तीय अपराध का नेटवर्क था।
ED की जांच में कई खुलासे
ED की जांच में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। आरोपी विदेशी नागरिकों को फोन करके उन्हें झूठे वादों का शिकार बनाते थे। टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके वे अपनी पहचान छिपाते थे। बरामद किए गए डिजिटल उपकरणों से कई अहम सबूत मिले हैं। ED अब इन सबूतों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। यह कार्रवाई धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जांच की संभावना है।
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