कल ठप होंगी रेलें? मानांवाला स्टेशन पर किसानों का चक्का जाम

अमृतसर में किसानों का बड़ा एलान, 11 अगस्त को रेल चक्का जाम

अमृतसर में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष के प्रदेश अध्यक्ष पलविंदर सिंह माहल ने वीडियो जारी कर कहा कि 11 अगस्त को मानांवाला रेलवे स्टेशन पर दोपहर 12 बजे रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ लगातार बैठकों के बावजूद अभी तक उनकी मांगों का कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। किसान संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन उनकी लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा है।

पलविंदर सिंह माहल ने बताया कि रेल रोको आंदोलन को लेकर प्रशासन की ओर से DIG, SSP ग्रामीण, ADC, SDM और DC स्तर के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की गईं, लेकिन इन बैठकों में कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से अब संदेश मिला है कि 11 अगस्त की सुबह किसानों के साथ दोबारा बैठक की जाएगी। इस बैठक के नतीजे पर आंदोलन का फैसला निर्भर करेगा।

कई जिलों में रेल नेटवर्क रहेगा प्रभावित

प्रदेश अध्यक्ष पलविंदर सिंह माहल ने आरोप लगाया कि सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों के साथ धोखा किया है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर और कपूरथला समेत कई जिलों के बाढ़ प्रभावित किसान आज भी मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि फसलों, खेतों और अन्य नुकसान का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की भुगतान राशि भी लंबित है। वहीं, तरनतारन में हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का समाधान नहीं किया गया है। किसान नेताओं पर कथित तौर पर झूठे मामले दर्ज कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।

बैठक में नतीजा निकलने पर आंदोलन स्थगित हो सकता है

किसान नेता ने कहा कि अगर सुबह होने वाली बैठक में उनकी मांगों को लेकर कोई सकारात्मक समाधान निकलता है तो रेल रोको कार्यक्रम को स्थगित किया जा सकता है। लेकिन अगर बैठक बेनतीजा रहती है तो दोपहर 12 बजे मानांवाला स्टेशन पर रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने अलग-अलग जिलों के किसानों और संगत से भी मानांवाला स्टेशन पहुंचने की अपील की है। माहल ने कहा कि किसानों की कई मांगें पिछले कई वर्षों से लंबित हैं और उन्हें बार-बार प्रशासन के सामने उठाया गया है।

किसानों की ओर से SDM और DC कार्यालयों के बाहर धरने देने के साथ-साथ टोल प्लाजा पर मार्च कर अधिकारियों को मांग पत्र भी सौंपे गए हैं। कहा कि यह आंदोलन किसानों की लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सुबह की बैठक में समाधान नहीं निकलता तो 11 अगस्त को दोपहर 12 बजे से अनिश्चितकाल के लिए रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश कमेटी की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार किसानों से बड़ी संख्या में मानांवाला रेलवे स्टेशन पहुंचने की अपील की। आंदोलन का यह फैसला किसानों की आर्थिक स्थिति से जुड़ा है। अधिक जानकारी के लिए देखें [किसान आंदोलन की ताजा खबरें](https://www.punjabkesari.in/) और [किसानों की लंबित मांगों पर अपडेट](https://www.bhaskar.com/)।
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