में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में निर्देश दिए गए कि जैसे ही साइबर फ्रॉड
की सूचना मिले, तुरंत संबंधित बैंक नोडल अधिकारियों से संपर्क कर ठगी गई राशि को फ्रीज
करवाया जाए ताकि पीड़ित का पैसा वापस मिल सके। लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए एसपी ने अधिकारियों
को आदेश दिया कि डेटा विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग कर अपराधियों को जल्द
से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।
पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल को निर्देश दिए कि
शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रमों में तेजी लाई जाए,
ताकि नागरिक सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक हो सकें। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जिले में साइबर
अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना ही नहीं, बल्कि
त्वरित कार्रवाई के माध्यम से जनता के खोए हुए पैसे को वापस दिलाना और अपराधियों में
कानून का खौफ पैदा करना है।