उद्योग, व्यापार व सरकारी विभागों के बीच समन्वय पर जोर, आईएमए भवन में हुई परिचर्चा

बरेली, 19 जून । सेंट्रल यूपी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री वैलफेयर एसोसिएशन की ओर से गुरुवार रात को सिविल लाइंस स्थित आईएमए भवन में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों के विभागाध्यक्षों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उद्योग, व्यापार एवं सेवा क्षेत्र की समस्याओं, नीतियों तथा उनके समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष राजीव शिंघल एवं सचिव शरद अग्रवाल ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत किया। अध्यक्ष राजीव शिंघल ने कहा कि उद्योग और व्यापार किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्रभावी बनाने के लिए सरकारी विभागों और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। उन्होंने लाइसेंस, अनुमति, निरीक्षण एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सरल व डिजिटल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि संयुक्त आयुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं सरल बनाना है। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक नीतियों, अनुदान योजनाओं एवं ऑनलाइन अनुमोदन प्रणाली की जानकारी दी तथा उद्यमियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।

रेलवे लॉजिस्टिक्स से आए संजीव शर्मा ने व्यापारियों को रेलवे की माल ढुलाई सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स पार्क, पार्सल सेवाओं एवं विशेष मालगाड़ियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि व्यापारी रेलवे की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर परिवहन लागत में कमी ला सकते हैं।

भू-जल विभाग के अधिशासी अभियंता सौरभ साह ने भू-जल संरक्षण पर जोर देते हुए उद्योगों से आवश्यक अनुमतियों और मानकों के पालन की अपील की। उन्होंने वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार ने औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने औद्योगिक भूखंड आवंटन, लीज प्रक्रिया एवं ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी दी तथा उद्यमियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि ने पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास को संतुलित रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ऑनलाइन सहमति प्रक्रिया और प्रदूषण नियंत्रण मानकों की जानकारी दी।

बरेली विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधि ने भवन मानचित्र स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं ऑनलाइन सेवाओं को सरल बनाने की जानकारी दी। वहीं व्यापारियों ने व्यावहारिक समस्याओं को उठाया, जिस पर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त संदीप कुमार चौरसिया ने खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण, नवीनीकरण एवं सुरक्षा मानकों की जानकारी दी और पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर दिया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच खुला संवाद हुआ। उद्यमियों ने स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिनके समाधान का अधिकारियों ने भरोसा दिलाया।

अंत में संस्था के अध्यक्ष राजीव शिंघल एवं सचिव शरद अग्रवाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष अभिनव अग्रवाल एवं अल्पित अग्रवाल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सचिव शरद अग्रवाल ने दिया।

इस अवसर पर कई व्यापारी एवं उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे और कार्यक्रम को उद्योग हित में उपयोगी बताया।