Gorakhpur में निर्माणाधीन Mahayogi Guru Gorakhnath AYUSH University के कार्यों में हो रही देरी को लेकर मंडलायुक्त ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी निर्माण कार्य पूरे किए जाएं।
हाल ही में मंडलायुक्त ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई हिस्सों में काम अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है, जिससे परियोजना की समयसीमा प्रभावित हो रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से जवाब तलब किया।
मंडलायुक्त ने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय राज्य की एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों—आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी—के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। ऐसे में निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। साथ ही नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि तय समय में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय के शुरू होने से क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे छात्रों को आयुष चिकित्सा की पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे।
मंडलायुक्त के सख्त रुख के बाद अब निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।