कानपुर, 17 फरवरी । यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और ऊर्जा दक्ष सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेट्रो स्टेशनों पर आधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में निर्मित हैं। सिविल निर्माण के साथ-साथ सिस्टम इंस्टॉलेशन का कार्य समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि मेट्रो संचालन जल्द शुरू किया जा सके। यह बातें मंगलवार को यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कही।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर–1 (आईआईटी–नौबस्ता) के तीसरे चरण में बारादेवी से नौबस्ता तक मेट्रो सेवा विस्तार की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इस क्रम में बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता—इन पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों पर कुल 20 लिफ्ट की स्थापना और लोड टेस्टिंग पूरी कर ली गई है। प्रत्येक स्टेशन पर प्रवेश द्वार से कॉनकोर्स तथा कॉनकोर्स से प्लेटफॉर्म तक आवागमन के लिए चार-चार लिफ्ट लगाए गए हैं। साथ ही 15 एस्केलेटर का इंस्टॉलेशन कार्य भी पूरा हो चुका है।
कॉरिडोर–1 के बैलेंस सेक्शन के अंतर्गत झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर अंडरग्राउंड स्टेशनों पर सिस्टम इंस्टॉलेशन का काम तेज़ी से चल रहा है। यहां कुल आठ में से सात एस्केलेटर और छह में से चार लिफ्ट स्थापित की जा चुकी हैं। सभी लिफ्ट ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत चेन्नई में निर्मित हैं और इनमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिससे ऊर्जा की बचत होगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।