मोगा में नशा मुक्ति केंद्र से 30 मरीज फरार, तोड़ा ताला
पंजाब के मोगा में एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से बड़ी घटना सामने आई है। यहां करीब 30 मरीजों ने ताला तोड़कर फरार हो गए। भागने से पहले इन मरीजों ने रिहैब सेंटर के स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की। यह पूरी घटना केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
विवाद की शुरुआत और मामला बढ़ना
सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में विवाद तब शुरू हुआ जब उपचाराधीन मरीजों और स्टाफ के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते यह मामला बढ़ गया और कुछ मरीज मारपीट करने लगे। युवकों ने पहले सिक्योरिटी कर्मियों को धक्का देकर पीछे हटाया और फिर मुख्य गेट का ताला तोड़कर बाहर निकल गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे।
नशा मुक्ति केंद्र में कुल 95 मरीज भर्ती
सूत्रों के मुताबिक, गांव जनेर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में कुल 95 मरीज भर्ती थे। इनमें से करीब 30 युवक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि बाकी मरीज केंद्र के अंदर ही मौजूद रहे। सिक्योरिटी गार्ड्स ने बताया कि युवकों ने उन पर हमला किया था। हालांकि, घटना के दौरान कुछ मरीजों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, लेकिन बड़ी संख्या में युवक भागने में सफल रहे।
पुलिस ने CCTV फुटेज कब्जे में ली
थाना कोट इसे खां की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने केंद्र के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फरार युवकों की तलाश में आसपास के इलाकों और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई है। पुलिस अब फरार मरीजों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयासों में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी फरार मरीजों को पकड़ लिया जाएगा। दैनिक जागरण ने भी इस घटना को प्रमुखता से कवर किया है।
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