पोस्टमार्टम और सुरक्षा व्यवस्था
मोहाली जिले के सोहाना में कबड्डी खिलाड़ी दिग्विजय राणा बलाचौरिया की हत्या के आरोपी गैंगस्टर हरपिंदर सिंह उर्फ मिड्डू का गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने किया। यह डेराबस्सी सिविल अस्पताल में SDM अमित गुप्ता की मौजूदगी में हुआ। प्रक्रिया लगभग ढाई घंटे चली। पूरी क्रिया रिकॉर्ड की गई और पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात रहा। पोस्टमार्टम खत्म होते ही मिड्डू का शव लेने के लिए उसके दादा अस्पताल पहुंचे, पर वे चुपचाप शव लेकर सीधे अपने घर लौट गए और किसी से कुछ नहीं कहा।
एनकाउंटर और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
हत्याकांड के मास्टरमाइंड की निशानदेही पर घेराबंदी की गई। Rana Balachoraria हत्याकांड के मास्टरमाइंड एशदीप सिंह को पहले दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। उसी सूचना के आधार पर पुलिस ने ललड़ू के लेहली क्षेत्र में घेराबंदी की तैयारी की। घेराबंदी के दौरान मिड्डू ने पुलिस पर विदेशी पिस्तौल से फायर किया। इसके जवाब में AGTF और DSP विक्रमजीत सिंह बराड़ की टीम ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया। इस मुठभेड़ में दो हवलदार भी घायल हुये। डॉक्टरों के अनुसार मिड्डू की छाती में पांच आर-पार गोलियां लगी थीं। घायल हवलदार Gulab Singh की टांग में चोट लगी, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने वाले हवलदार Kumar Sharma की जिंदी बच गई, उन्होंने शीघ्र कार्रवाई दिखाई।
गैंगवार से जुड़ी पुख्ता जानकारी और संबंध
पुलिस के अनुसार मिड्डू पर हत्या के शूटरों को फरार कराने और वारदात में सहायता का आरोप है। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि एशदीप सिंह बंबीहा गैंग और डॉनी बॉल गैंग से जुड़ा है, जो लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गैंग के विरोधी माना जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह नेटवर्क पंजाब और आसपास के इलाके में गैंगवार से जुड़े मामलों में सक्रिय रहा है। इस संदर्भ में घटनाक्रम के ताजा पहलुओं के लिए आप
अस्पताल से जुड़ी अंतिम जानकारी और संबद्ध अधिकारी
डीएसपी विक्रमजीत सिंह बराड़ ने अस्पताल जाकर घायल हवलदार गुलाब सिंह का हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि हत्या के मुख्य शूटरों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एशदीप सिंह की गिरफ्तारी के सिलसिले में पुलिस फिलहाल अन्य अभिलेखों और गोपनीय स्रोतों से जांच बढ़ा रही है ताकि गैंगवार से जुड़े अन्य आरोपितों तक पहुंचा जा सके। इस घटनाक्रम के साथ ही मोहाली और आसपास के इलाके में सुरक्षा प्रयासों को और भी मजबूत करने के संकेत मिलते हैं, ताकि किसी प्रकार की असुरक्षा की स्थिति न बने।