उत्तर पश्चिम रेलवे ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान का शुभारंभ किया

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार 30 नवंबर 2025 तक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान 4.0 चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत मंगलवार, 4 नवम्बर को उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में की गई।

इस अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे के लेखा विभाग और कार्मिक विभाग के विभागाध्यक्ष, गीतिका पाण्डेय (प्रमुख वित्त सलाहकार) और प्रदीप कुमार सिंह (प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी) तथा वरिष्ठ अधिकारी रूपेश सिंघवी (वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी), स्वाती चूलेट (उप मुख्य लेखा अधिकारी/सामान्य) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक प्रणव कुमार मिश्रा एवं अन्य बैंकिंग अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर लगभग 90 पेंशनभोगियों द्वारा स्वयं अपने लाइव डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जारी किए गए। यह अभियान उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों में संचालित किया जा रहा है। यह पहल भारत सरकार के डिजिटलीकरण प्रयासों तथा पेंशनभोगियों के लिए सेवाओं को और अधिक सरल व सुलभ बनाने के उद्देश्यों के अनुरूप है।

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगियों को पेंशन कार्यालयों में शारीरिक रूप से उपस्थित हुए बिना ही अपने जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा करने में सक्षम बनाता है। यह प्रणाली न केवल त्वरित प्रसंस्करण सुनिश्चित करती है, बल्कि बुजुर्ग पेंशनभोगियों को उनके घर में आराम से, परेशानी मुक्त समाधान भी प्रदान करती है। डीएलसी के माध्यम से उत्तर पश्चिम रेलवे ने उन्नत तकनीकी सुविधाओं के साथ इसकी पहुंच और उपयोगिता को और बढ़ाया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे की प्रमुख वित्त सलाहकार सुश्री गीतिका पाण्डेय ने इस पहल पर कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा के प्रति प्रतिबद्ध है। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 सेवा वितरण में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के हमारे व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। हम सभी पेंशनभोगियों को इस अभियान का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। यह अभियान 01 नवम्बर से 30 नवम्बर, 2025 तक चलेगा। सभी पेंशनभोगियों से अनुरोध है कि वे अपने जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से जमा करने के लिए इस अभियान में भाग लें, ताकि पेंशन का निर्बाध वितरण सुनिश्चित हो सके।