चंडीगढ़, 28 अक्टूबर । पंजाब सरकार ने भाजपा नेता सुनील जाखड़ के परिवार द्वारा संचालित जाखड़ ट्रस्ट की सातवीं वार्षिक नशा विरोधी मैराथन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रशासन ने शहर में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए आयोजन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से मना कर दिया है।
जाखड़ ट्रस्ट पिछले सात वर्षों से ‘नशों से दूर, खेलों की ओर’ के नारे के तहत इस मैराथन का आयोजन करता आ रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने और खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है।
इस वर्ष मैराथन का आयोजन रविवार, 1 नवंबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाना था। इसके लिए अबोहर के एक स्टेडियम से शुरू होने वाला निर्धारित मार्ग भी तय किया गया था।
अबोहर के उपमंडल मजिस्ट्रेट ने 27 अक्टूबर को जारी पत्र में ट्रस्ट को सूचित किया कि मैराथन के आयोजन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा सकता।
पत्र में अबोहर के पुलिस उपाधीक्षक की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि शहर में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए फिलहाल मैराथन आयोजित करने की अनुमति देना संभव नहीं है। प्रशासन ने ट्रस्ट को आयोजन के लिए कोई दूसरी तारीख चुनने को कहा है। इस पत्र की एक प्रति फाजिल्का के उपायुक्त को भी भेजी गई है।
प्रशासन के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जाखड़ ने कहा कि एक तरफ सरकार दावा कर रही है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक है और दूसरी तरफ एशियाई हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन भी करवा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कानून-व्यवस्था की स्थिति हॉकी चैंपियनशिप आयोजित करने के लिए अनुकूल है, तो जाखड़ ट्रस्ट की नशा विरोधी मैराथन के लिए अनुकूल क्यों नहीं है। फिलहाल प्रशासन ने ट्रस्ट को मैराथन के आयोजन के लिए नई तारीख निर्धारित करने का सुझाव दिया है।