पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार मामलों में जुर्माना
पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। भ्रष्टाचार और एनडीपीएस मामलों में लापरवाही बरतने पर जुर्माना लगाया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड दिया है। यह राशि पीजीआई रिलीफ फंड में जमा करानी होगी।
दोषी कर्मचारियों पर नहीं हुई कार्रवाई
अदालत ने स्वतः संज्ञान लेकर यह मामला उठाया। सरकार ने समय पर जवाब दाखिल नहीं किया था। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यह चिंताजनक स्थिति है। दोषी कर्मचारी अभी भी सेवा में बने हुए हैं।
मुख्य सचिव को दिए सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश जारी किए हैं। अगली सुनवाई तक पूरी रिपोर्ट पेश करनी होगी। रिपोर्ट में दोषी अधिकारियों का ब्यौरा मांगा गया है। साथ ही उन्हें बनाए रखने वालों के नाम भी चाहिए। तीन सप्ताह में विस्तृत जवाब दाखिल करना अनिवार्य है।
स्वास्थ्य विभाग में 20 कर्मचारी संदिग्ध
सुनवाई में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। स्वास्थ्य विभाग में 20 कर्मचारी दोषी पाए गए। इन पर भ्रष्टाचार और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। कुछ मामले 2019 से लंबित चल रहे हैं। फिर भी इन्हें निलंबित नहीं किया गया है।
दोषी क्लर्क फिर से मिली नौकरी
एक क्लर्क को एनडीपीएस एक्ट में दोषी ठहराया गया। इसके बावजूद उसे दोबारा बहाल कर दिया गया। वह स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय में कार्यरत है। अदालत ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। अब सरकार पर कड़ी कार्रवाई का दबाव बना हुआ है।
भ्रष्टाचार निरोधक कानून के बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त करें। पंजाब सरकार की नीतियों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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