स्टार्टअप और उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने शुक्रवार काे कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। युवाओं को कृषि समस्याओं को चुनौती के साथ-साथ नए समाधान और व्यवसाय के अवसर के रूप में देखना चाहिए। चयनित और पात्र स्टार्टअप्स को स्वीकृत प्रस्ताव व निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता अनुदान के रूप में दी जाएगी।
एक माह का प्रशिक्षण, विशेषज्ञों से मिलेगा मार्गदर्शन कोहार्ट 8.0 में चयनित प्रतिभागियों को एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। एबिक के माध्यम से एचएयू के वैज्ञानिकों के साथ उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों से मार्गदर्शन मिलेगा। तकनीक व उत्पाद विकास, व्यवसाय मॉडल, बाजार, निवेश और उद्यम संचालन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। आवेदन के दौरान प्रतिभागियों को अपने विचार, तकनीक, उत्पाद या सेवा के साथ संबंधित कृषि समस्या और उसके समाधान की जानकारी देनी होगी। आवेदनों की स्क्रीनिंग व मूल्यांकन के बाद प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। आवेदन एचएयू की
वेबसाइट hau.ac.in अथवा एबिक के ऑनलाइन आवेदन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।