हरिद्वार, 09 फरवरी (हि. स.)। सरकार ने प्रस्तुत बजट में छात्रों, किसानों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। बजट में शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम प्रावधान किए गए हैं, जिनका उद्देश्य समाज के इन वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
छात्रों के लिए बजट में उच्च शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है। तकनीकी शिक्षा संस्थानों के विस्तार, स्कॉलरशिप योजनाओं और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने वाले कार्यक्रमों पर अतिरिक्त बजट आवंटन किया गया है। सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
किसानों के लिए बजट में सिंचाई सुविधाओं, आधुनिक कृषि उपकरणों और फसल बीमा योजनाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नई परियोजनाओं की घोषणा की गई है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही जैविक खेती और कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर बजट में स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों के लिए विशेष योजनाएं शामिल की गई हैं। महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगारोन्मुखी योजनाओं से जोड़ने की घोषणा की गई है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकार ने कहा है कि यह बजट समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो इससे शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।