मीरजापुर, 07 फ़रवरी । जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में कई गंभीर खामियां पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और कार्यों में लापरवाही बरतने पर मुख्य फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। बताया गया कि एक्स-रे कक्ष में प्रतिदिन 10 से 12 जांच की जा रही हैं तथा ओपीडी में औसतन प्रतिमाह लगभग चार हजार मरीजों का पंजीकरण होता है। प्रसव संबंधी जानकारी लेने पर बताया गया कि महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. हर्षिता श्रीवास्तव कई माह से बिना सूचना के अनुपस्थित हैं और उनका वेतन आहरित नहीं किया जा रहा है।
स्टॉक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कुल 230 दवाओं के सापेक्ष 140 दवाओं का ही मांग पत्र प्रस्तुत किया जा सका, जबकि शेष 90 दवाओं के संबंध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। वर्तमान स्टॉक की स्थिति स्पष्ट नहीं की जा सकी और उपलब्ध दवाओं का भौतिक सत्यापन भी संभव नहीं हो पाया। बड़ी मात्रा में दवाएं शीघ्र एक्सपायर होने की स्थिति में पाई गईं, जिससे मरीजों को दवाओं का समुचित वितरण न होने की आशंका जताई गई।
अभिलेखों के रखरखाव और साफ-सफाई व्यवस्था भी अत्यंत खराब मिलने पर डीएम ने मुख्य फार्मासिस्ट राजेश सिंह के कार्य को लापरवाहीपूर्ण मानते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सीएल वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।