प्रयागराज, 31 जुलाई । उत्तर मध्य रेलवे ने प्रयागराज और राजस्थान के रींगस स्थित प्रसिद्ध श्री खाटू श्याम धाम के बीच रेल संपर्क को बेहतर बनाने के लिए प्रयागराज-सीकर-प्रयागराज साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इससे प्रयागराज से खाटू श्याम जाने वाले श्रद्धालुओं और राजस्थान के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले लोगों को सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा मिलेगी। यह जानकारी शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।
उन्होंने बताया कि गाड़ी संख्या 04161/04162 प्रयागराज और सीकर के बीच 10 अगस्त से साप्ताहिक विशेष ट्रेन के रूप में चलेगी। प्रयागराज से यह ट्रेन प्रत्येक सोमवार और सीकर से प्रत्येक मंगलवार चलेगी। यह सेवा 10 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक प्रयागराज से 17 फेरे और 11 अगस्त से 1 दिसंबर 2026 तक सीकर से 17 फेरे लगाएगी।
उन्होंने बताया कि यह विशेष ट्रेन प्रयागराज के संगम और आनंद भवन से लेकर राजस्थान के श्री खाटू श्याम धाम और शेखावाटी क्षेत्र तक धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ट्रेन कानपुर, आगरा, मथुरा, भरतपुर, दौसा, जयपुर और रींगस सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।
इन प्रमुख स्थानों की यात्रा होगी आसान
अमित मालवीय ने बताया कि इस ट्रेन से यात्रियों को प्रयागराज के संगम और आनंद भवन , कानपुर के पनकी धाम, आगरा के ताजमहल, मथुरा के वृंदावन और गोवर्धन, अलवर-दौसा क्षेत्र के सरिस्का और मेहंदीपुर बालाजी, जयपुर के आमेर किला और हवा महल, रींगस के श्री खाटू श्याम मंदिर तथा सीकर के शेखावाटी की हवेलियों और भित्तिचित्रों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
प्रयागराज से सीकर तक का समय
उन्होंने बताया कि ट्रेन संख्या 04161 प्रयागराज-सीकर सोमवार को प्रयागराज से शाम 5:10 बजे रवाना होगी और मंगलवार सुबह 8:20 बजे सीकर पहुंचेगी। मार्ग में भरवारी, फतेहपुर, गोविंदपुरी, फफूंद, इटावा, फतेहाबाद, आगरा कैंट, भरतपुर, बांदीकुई, दौसा, खातीपुरा, जयपुर और रींगस स्टेशनों पर ठहराव होगा।
वापसी में ट्रेन संख्या 04162 सीकर-प्रयागराज मंगलवार को सीकर से दोपहर 3:25 बजे रवाना होकर बुधवार सुबह 8:50 बजे प्रयागराज पहुंचेगी।
20 डिब्बों की होगी ट्रेन
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि विशेष ट्रेन में कुल 20 डिब्बे होंगे। इनमें दो एसएलआर/डी, सात सामान्य श्रेणी, दस स्लीपर श्रेणी और एक वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का डिब्बा शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस विशेष ट्रेन के संचालन से प्रयागराज और राजस्थान के बीच धार्मिक एवं पर्यटन यात्राओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने में भी यह रेल सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।