पंजाब बंद का जालंधर पर सबसे ज्यादा असर
वाल्मीकि समाज ने सोमवार को पंजाब बंद की अपील की है। यह बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज के विरोध में है। इस बंद का सबसे ज्यादा असर जालंधर में देखने को मिला है। शहर के कई बाजार बंद हैं। दैनिक भास्कर के अनुसार, एमजीएन, सेठ हुक्म चंद, इनोसेंट हार्ट और शिव ज्योति समेत कई निजी स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी है। इन स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास शुरू कर दीं। बस स्टैंड पर बसों की आवाजाही भी प्रभावित रही। हालांकि, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग खुले हैं। यातायात सामान्य बना हुआ है।
अन्य शहरों में बंद का सीमित असर
बंद का असर पंजाब के दूसरे शहरों में सीमित रहा। अमृतसर में बाजार, दुकानें और कारोबार सामान्य रहे। लुधियाना में वाल्मीकि समाज ने धरना-प्रदर्शन किया। लेकिन वहां बाजार बंद नहीं हुए। पटियाला और बठिंडा में भी रोजमर्रा का कामकाज सामान्य रहा। वाल्मीकि समाज ने सुबह 10 से शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया है। संगठनों ने व्यापारियों और सामाजिक संस्थाओं से समर्थन की अपील की है। अभी तक किसी बड़े व्यापारी संघ ने आधिकारिक समर्थन नहीं दिया था।
बरनाला लाठीचार्ज विवाद की शुरुआत
यह विवाद 22 जुलाई को बरनाला में शुरू हुआ था। सफाई कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया था। पंजाब सरकार ने बरनाला के DSP को सस्पेंड कर दिया है। लेकिन वाल्मीकि समाज का कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, समाज ने इसी के विरोध में पूरे पंजाब बंद का आह्वान किया है।
प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति
वाल्मीकि समाज ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। समाज के नेताओं का कहना है कि “हमारी लड़ाई जारी रहेगी।” उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। फिलहाल, बंद के दौरान किसी बड़ी हिंसा की खबर नहीं है। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बंद के पल-पल के अपडेट्स के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े रहें।
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