ED ने PACL घोटाले में 10,021 करोड़ की संपत्ति जब्त की
प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने PACL लिमिटेड के मामले में संपत्ति जब्त की। यह अब तक का सबसे बड़ा एकल जब्ती आदेश है। कुल 247 अचल संपत्तियाँ जब्त की गई हैं। इनकी कुल कीमत ₹10,021.46 करोड़ है। ये संपत्तियाँ पंजाब के विभिन्न इलाकों में स्थित हैं।
निवेशकों के फंड से खरीदी गई थीं जायदाद
जाँच में पता चला है कि ये सभी संपत्तियाँ अवैध तरीके से खरीदी गई थीं। ये निवेशकों से जुटाए गए फंड से खरीदी गई थीं। इसलिए इन्हें अपराध की आय माना गया है। PACL पर बड़ा वित्तीय घोटाला करने का आरोप है। कंपनी ने निवेशकों से हज़ारों करोड़ रुपये जुटाए थे।
कृषि भूमि के बहाने चलाई गई थी योजना
कंपनी ने निवेशकों को कृषि भूमि का लालच दिया था। कैश डाउन पेमेंट और किस्तों के प्लान दिखाए गए। लेकिन ज़्यादातर मामलों में ज़मीन नहीं दी गई। निवेशकों का पैसा भी वापस नहीं किया गया। इस घोटाले में फ्रंट कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। सीबीआई ने वर्ष 2014 में इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
सुप्रीम कोर्ट की समिति कर रही है निगरानी
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक समिति गठित की है। यह समिति निवेशकों को रिफंड देने की प्रक्रिया देख रही है। जब्त की गई संपत्तियों की बिक्री से यह राशि जुटाई जाएगी। ED की जाँच लगातार जारी है। इससे पहले भी संपत्तियाँ जब्त की जा चुकी हैं। वित्तीय घोटालों के खिलाफ यह एक बड़ी कार्रवाई है।
निवेशक सतर्कता बरतें और जानकारी लें
इस तरह के मामले निवेशकों के लिए सबक हैं। किसी भी योजना में निवेश से पहले पूरी जाँच करें। सेबी की वेबसाइट पर अधिकृत कंपनियों की सूची देख सकते हैं। वित्तीय सुरक्षा के लिए सतर्क रहना ज़रूरी है। ED ने आगे की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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