पंजाब निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट ने बनाए रोक
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आज सुनवाई की। नगर निकाय चुनावों पर रोक जारी रखी गई है। अदालत ने केंद्र सरकार का जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।
वार्डबंदी प्रक्रिया में हुई देरी
राज्य सरकार ने अदालत को जवाब दाखिल किया। वार्डबंदी प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी होनी थी। लेकिन यह 8 जनवरी को संपन्न हुई। सरकार ने केंद्र से 8 दिन की माफी मांगी है।
याचिकाकर्ता ने उठाए गंभीर आरोप
याचिकाकर्ता के वकील एसपीएस टिन्ना ने दलील दी। 31 दिसंबर के बाद वार्ड सीमाएं नहीं बदली जा सकती थीं। फिर भी परिवर्तन किए गए। एक सोसाइटी को दो हिस्सों में बांटा गया।
कई नगर निगम चुनौती के दायरे में
बटाला, पठानकोट व कपूरथला शामिल हैं। होशियारपुर, मोहाली व बठिंडा भी इसमें आते हैं। अबोहर, मोगा और बरनाला निगम भी शामिल हैं। 100 से अधिक म्युनिसिपल कमेटियां प्रभावित हुई हैं।
चुनावी योजना पर संकट के बादल
हाईकोर्ट के आदेश से सरकारी योजना अटकी है। प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी थीं। अब अदालती अनुमति के बिना चुनाव नहीं होगा। पूरे पंजाब में निकाय चुनावों पर रोक है।
इस मामले से जुड़ी अधिक जानकारी पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मिल सकती है। नगर निकायों के कार्यों के बारे में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पोर्टल पर भी देख सकते हैं।
Related: पंजाब निकाय चुनाव: 60 दिनों में ऑनलाइन नामांकन पर फैसला ले सरकार – हाईकोर्ट