शिमला, 11 फ़रवरी ।राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार ने संसद के सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के अभाव और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संसद में अपने वक्तव्य के दौरान सिकंदर कुमार ने कहा कि हिमाचल का भौगोलिक स्वरूप चुनौतीपूर्ण है, जिसके कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को उन्नत सुविधाओं से लैस किया जाए तथा टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया जाए।
सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएं, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना पर बल दिया।
केंद्र सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य जरूरतों का मूल्यांकन कर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार को लेकर संसद में हुई यह चर्चा प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन पर ध्यान दिया जाए तो हिमाचल के स्वास्थ्य तंत्र को और सुदृढ़ किया जा सकता है।