जयपुर, 28 अक्टूबर । राजस्थान में मतदाता सूचियों को शुद्ध और अपडेट करने के लिए निर्वाचन विभाग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2027 की तैयारी शुरू कर दी है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने और प्रविष्टियों में सुधार के लिए 11 दिसंबर तक दावे एवं आपत्तियां दी जा सकेंगी। सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करना, पुरानी प्रविष्टियों को अद्यतन करना और मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा अपात्र व्यक्तियों के नाम नियमानुसार हटाकर सूची को त्रुटिरहित बनाना है।
निर्वाचन विभाग इस बार 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले पात्र नागरिकों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दे रहा है। ऐसे युवा, जो आगामी एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 को निर्धारित अर्हता तिथियों के अनुसार पात्र होंगे, वे भी अग्रिम आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
प्रदेश में पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के पंजीकरण के लिए एक अक्टूबर 2026 से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक करीब सात लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। निर्वाचन विभाग ने सभी जिलों को पंजीकरण की गति बढ़ाने और पात्र युवाओं तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
अब तक युवा मतदाता पंजीकरण अभियान की समीक्षा में बालोतरा जिला पहले स्थान पर रहा, जबकि बाड़मेर सबसे पीछे रहा। बेहतर प्रगति वाले 15 जिलों में बालोतरा, बांसवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, पाली, कोटपूतली-बहरोड़, झुंझुनूं, प्रतापगढ़, गंगानगर, सवाई माधोपुर, दौसा, सीकर और चूरू शामिल हैं। वहीं, बाड़मेर के अलावा कोटा, जयपुर, राजसमंद और नागौर में भी पंजीकरण की प्रगति में सुधार की आवश्यकता बताई गई है।
निर्वाचन विभाग इन जिलों में शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र विद्यार्थियों की पहचान और आवेदन प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दे रहा है।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, प्रवासी भारतीय मतदाता के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6ए, किसी नाम को हटवाने या प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 तथा निवास स्थान बदलने, विवरण में सुधार, मतदाता पहचान पत्र बदलवाने या दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नित होने के लिए फॉर्म-8 निर्धारित किया गया है।
नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल voters.eci.gov.in और ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
इसके अलावा बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) से संपर्क कर भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जरूरत के अनुसार विशेष मतदाता पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। युवाओं, वंचित एवं कमजोर वर्गों और प्रवासी पात्र नागरिकों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला तथा विधानसभा क्षेत्र स्तर पर सहायता केंद्र स्थापित कर नागरिकों को आवेदन और संशोधन की प्रक्रिया में मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने पात्र नागरिकों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे मतदाता सूचियों की जांच करें तथा नाम जुड़वाने, संशोधन कराने या नियमानुसार नाम हटवाने के लिए समय रहते आवेदन प्रस्तुत करें। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।